• Tue. Feb 17th, 2026

गोकुल में छड़ी मार होली का आयोजन भक्त निकाला डोला, सैकड़ों ग्वालिन दूध पीकर बरसाई प्रेम पगी छड़ियां, खूब उड़ा गुलाल

ByVijay Singhal

Mar 4, 2023
Spread the love
हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। गोकुल में भगवान श्रीकृष्ण की क्रीड़ा स्थली गोकुल में छड़ी मार होली का आयोजन शनिवार सुबह ग्यारह बजे से मुरलीधर घाट के पास होली चबूतरा पर किया गया। सुबह नंदभवन नंदकिला से ठाकुर जी का डोला निकाला गया। जिसमें मंदिर के सेवायत पुजारी डोला लेकर होली चबूतरा पर पहुंचें।
मंदिर सेवायत पुजारियों द्वारा ग्वालिनों को दिया गया उन्हें मेवा युक्त दूध पिलाया गया। वहां से ग्वालिन छड़ी मार होली खेलने के लिए डोला के साथ मुरलीधर घाट पर पहुंची। मुरलीधर घाट पर प्रेम से पगी छड़ियों से होली खेली गयी। टेसू के फूलों से तैयार रंग एवं अबीर गुलाल उड़ाया गया।

मंदिर सेवायत मथुरा दास पुजारी ने बताया कि गोकुल की प्रसिद्ध होली प्रतिवर्ष मनाई जाती है। इस होली के दिन सर्वप्रथम नंद भवन नंद कला मंदिर से ठाकुर जी डोला में विराजमान कर बैंड बाजे के साथ एवं हाथी घोड़ा के साथ इस दुनिया को पूरे नगर में भ्रमण कराया जाता है। सभी गोपी एवं गोपिकाएं डोले के साथ अपने हाथों में छड़ी लेकर होली खेलने के लिए मुरलीधर घाट पर पहुंचती हैं। जहां ठाकुर जी को गुलाल लगाकर होली का शुभारंभ किया जाता है।इस दौरान राधा कृष्ण के स्वरूप के द्वारा भव्य फूलों की होली खेली जाती है। फिर अबीर गुलाल रंग उड़ाया जाता है। जिससे वहां का माहौल होली में तब्दील हो जाता है। अबीर गुलाल उड़ने के बाद आसमान में सतरंगी छटा देखने को मिलती है। मंदिर सेवायत द्वारा बताया गया कि प्रतिवर्ष इस होली का आयोजन किया जाता है। जहां इस होली का आनंद लेने के लिए देश के कोने-कोने से लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। वहां होली के रसिया व भजन पर नाचते थिरकते हुए होली का आनंद लेते हैं। यह होली पारंपरिक रूप से मनाई जाती है। जहां प्रशासन के द्वारा भी दुरुस्त व्यवस्थाएं की जाती है।

7455095736
Vijay Singhal
Author: Vijay Singhal

50% LikesVS
50% Dislikes

Leave a Reply

Your email address will not be published.