हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ़ विजय सिंघल
मथुरा। लोक निर्माण विभाग पीडब्ल्यूडी के प्रांतीय खंड में वेतन भुगतान में वित्तीय अनियमितता का मामला बढ़कर 90 लाख रुपये से अधिक पहुंच गया है। वर्ष 2021-22 में करीब 78 लाख रुपये की गड़बड़ी सामने आने के बाद महालेखा परीक्षण विभाग की ऑडिट टीम ने पिछले चार वर्षों के खातों की जांच में 12 लाख रुपये का एक और गलत भुगतान पकड़ा है। इसके बावजूद जिम्मेदार कर्मचारियों से वसूली और उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू नहीं हुई है। सूत्रों के मुताबिक, एक लिपिक ने फर्जी बिल और हस्ताक्षर के सहारे यह हेराफेरी की। आरोप है कि कर्मचारियों के वेतन की रकम लिपिक ने अपनी पत्नी के खाते में भी ट्रांसफर कराई। ऑडिट रिपोर्ट मिलने के बाद भी अधिशासी अभियंता ई. गुलवीर सिंह ने जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ कोई ठोस अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की है। जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने कहा कि मामला अभी उनके संज्ञान में नहीं है। वह एक्सईएन से स्पष्टीकरण मांगकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई कराएंगे।
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पीडब्ल्यूडी में वित्तीय अनियमितता 90 लाख के पार, कार्रवाई नहीं
