हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। करोड़ों की चोरी का खुलासा करने के लिए पुलिस ने मथुरा से लेकर मध्यप्रदेश और चंपावत तक जाल व बिछा दिया था। एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया मामला बड़ी चोरी का होने के चलते उच्चाधिकारियों ने एसटीएफ की टार टीमें लगाईं। पीडित कारोबारी द्वारा अपने पूर्व कर्मचारी विष्णु उर्फ पप्पू पर शक जाहिर किया था। एसएसपी ने बताया कि पहले सुबह जब पुलिस पप्पू के घर पर पहुंची तो उस समय वह नहीं मिला था। उसका नम्बर सर्विलांस पर लगाया तो उसकी लोकेशन चंपावत की मिली। इस पर पुलिस ने उसके मोबाइल नम्बर को सर्विलांस पर लगाया तो उसकी लोकेशन उत्तराखंड के जनपद चंपावत की मिली थी। इस दौरान अधिकारियों ने चंपावत की ओर दबिश के लिये बरेली जोन की एसटीएफ को भी लगा दिया। इधर आगरा, नोएडा, मेरठ में भी टीमें अपने-अपने स्तर से काम करने में जुट गयीं। एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि जिस समय आरोपी स्टेशन पर नजर आया, उसी समय मध्यप्रदेश के जबलपुर जाने वाली ट्रेन का समय था, तब यह लगा कि कहीं आरोपी जबलपुर या उस रूट पर न निकल गया हो और यह चोरी एमपी के किसी गैंग ने तो नहीं की। इसके लिये भी एक पुलिस टीम लगाई गई। उधर चंपावत, उत्तराखंड की लोकेशन मिलने पर चंपावत पुलिस और उत्तराखंड के सीमावर्ती प्रदेश के जिले के पुलिस अधिकारियों के सम्पर्क साधा गया। उधर चंपावत की लोकेशन पर मोबाइल नम्बर धारक को पकड़ा गया तो पता चला कि वह मोबाइल नम्बर तो उसने कई माह पूर्व लिया था। इस दौरान विष्णु के भाई ने उसका वर्तमान नंबर बताते हुए जानकारी दी कि जिस नंबर को पुलिस देख रही है वह विष्णु ने काफी पहले बदल दिया है। कुछ देर बाद पुलिस को विष्णु सहजता से मिल गया। उसके आधार पर पुलिस ने उसको हिरासत में ले लिया। एसपी देहात सुरेश चंद्र रावत ने बताया कि विभिन्न एप के माध्यम से भी शातिरों की तलाश की गयी। इसमें यक्ष और गांडीव से भी जानकारी ली गयी। वहीं एक अन्य एप के घटनस्थल से 200 किलोमीटर के अंदर ज्वैलर्स के यहां बडी चोरियों की जानकारी मांगी। तो पता चला कि इस प्रकार की बडी चोरी-डकैती की आगरा और नोएडा में करोड़ों की चोरी हो चुकी है। इन ऐप से पता चला कि उन सभी घटनाओं में कंपनी, शोरूम स्वामी के ही नजदीकी या कर्मचारी शामिल थे।
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