हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। वृंदावन में नगर निगम ने कांशीराम आवासीय काॅलोनी के जर्जर भवनों पर नोटिस चस्पा किए हैं। इससे यहां रह रहे लोगों में खलबली मच गई है। किरायेदारों एवं अवैध रूप से रह रहे लोगों को नोटिस जारी कर आवास खाली करने के निर्देश दिए हैं। उधर नगर निगम द्वारा आईआईटी रुड़की के तकनीकी विशेषज्ञों की टीम द्वारा भवनों की जांच कराई जाएगी। इस सप्ताह टीम जांच के आएगी। विगत दिनों दिल्ली में जर्जर पीजी के धराशायी होने की घटना के बाद नगर निगम ने किसी तरह की अनहोनी घटना न हो और लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी 736 भवनों पर नोटिस चस्पा किए हैं। नोटिस में जर्जर भवन स्वामियों को भवनों को खाली करने, भवन के गिरांसु हिस्से का हटाने और मरम्मत कराने के लिए 15 दिन का समय दिया है। कांशीराम काॅलोनी के सर्वे में पता चला कि काॅलोनी में 736 भवनों में मात्र 371 भवनों में ही मूल आवंटी रह रहे हैं। 281 भवन बंद हैं। 53 भवनों में लोग अवैध रूप से रह रहे हैं। जबकि 85 भवनों में किरायेदार रह रहे हैं। निगम के नोटिस जारी करने के बाद काॅलोनी में खलबली मची है। शनिवार को कालोनी के लोग एकत्र हो गए और निगम का विरोध करने लगे।
नगर निगम के उप सभापति मुकेश सारस्वत एवं पार्षद सुमित गौतम ने लोगों को बताया कि कांशीराम आवासीय योजना के कई ब्लाॅक पूरी तरह जर्जर स्थिति में पहुंच चुके हैं। इन भवनों का निरीक्षण करने के बाद वहां रहने वाले भवन स्वामियों को खाली करने के लिए नोटिस दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि आवासीय योजना में जो लोग आवंटी एवं पात्र हैं, उन्हें उनके फ्लैटों की मरम्मत एवं सुधार कार्य पूरा होने तक दूसरे फ्लैटों में रहने की अनुमति दी जाएगी। ऐसे लोगों के खिलाफ नगर निगम सख्ती बरतेगा जो पात्रता के दायरे में नहीं आते और अवैध रूप से फ्लैटों पर कब्जा किए हुए हैं।
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व्रन्दावन की कांशीराम काॅलोनी में 736 जर्जर भवनों पर नोटिस चस्पा
