हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। राधाष्टमी में अब चार दिन शेष हैं। लाडली जी के जन्मोत्सव के लिए बाजार सज गए हैं। राधारानी की पोशाकों और शृंगार सामग्री की मांग बढ़ गई है।बाजार में सतरंगिया पोशाकें ग्राहकों को आकर्षित कर रही हैं। जन्माष्टमी और राधाष्टमी को ध्यान में रखकर जनपद के कारखानों में कई महीने पहले से पोशाकें तैयार होती हैं। नीले और पीले रंग की पोशाकों की सबसे अधिक मांग है। जरदोजी, गोटा-पत्ती, कुंदन, रेशम के धागों और मोतियों से सजी पोशाकें पसंद की जा रही हैं। नेट-ब्रोकेड और सिल्क के लहंगे भी खूब बिक रहे हैं। पोशाक के साथ मुकुट, हार, कंठी, झुमकी, नथ, बाजूबंद, पायल, चूड़ियां और माथे की बिंदिया की भी खरीदारी हो रही है। राधा-कृष्ण के लिए मैचिंग शृंगार सेट की मांग भी बढ़ी है। खरीदारी दुकानों के साथ ऑनलाइन बाजार में भी हो रही है। थोक विक्रेता दीपक ठाकुर ने बताया कि शून्य से 18 नंबर तक की पोशाकें तैयार की जाती हैं। इनमें छह नंबर की पोशाक की मांग सबसे अधिक है। उन्होंने यह भी कहा कि जनपद में करीब 500 से 600 कारखानों में पोशाकें बनती हैं। थोक विक्रेता महेश ठाकुर ने कहा, राधाष्टमी पर ग्राहक पोशाक और शृंगार की गुणवत्ता को प्राथमिकता दे रहे हैं। ग्राहक कीमत से अधिक उनकी पसंद पोशाक की कारीगरी और आकर्षक डिजाइन पर है। हर साल कारोबार बढ़ता जा रहा है, इस वर्ष भी बेहतर कारोबार की उम्मीद है।
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मथुरा में राधाष्टमी पर बढ़ी पोशाक और शृंगार की मांग
