हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सीएचसी राल के चिकित्सा अधीक्षक राकेश सिंह के तबादले पर अंतरिम रोक लगाते हुए उन्हें मूल पद पर बहाल करने और वेतन भुगतान के निर्देश दिए हैं। साथ ही, अदालत ने जिलाधिकारी सीपी सिंह और मुख्य चिकित्सा अधिकारी राधा वल्लभ से तीन सप्ताह में व्यक्तिगत हलफनामा मांगा है। मामला 13 जुलाई के एक आदेश से जुड़ा है। उस आदेश में जिलाधिकारी के निर्देश पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने राकेश सिंह को अधीक्षक पद से हटाकर सीएचसी नौहझील में चिकित्सा अधिकारी के रूप में स्थानांतरित किया था। राकेश सिंह ने नौहझील में कार्यभार ग्रहण नहीं किया। इस पर विभाग ने उनका वेतन रोक दिया। राकेश सिंह ने कार्रवाई के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान जिलाधिकारी के किसी चिकित्सक के तबादले का निर्देश देने के कानूनी अधिकार पर सवाल उठाया। अदालत ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी से भी पूछा कि उन्होंने जिलाधिकारी के निर्देश को किस आधार पर लागू किया। न्यायालय ने दोनों अधिकारियों से तीन सप्ताह के भीतर व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने को कहा है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद राकेश सिंह की सीएचसी राल में अधीक्षक पद पर बहाली हो गई है। अब मामले की अगली सुनवाई में जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी के जवाब पर आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।
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मथुरा। श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह प्रकरण को लेकर 6 दिसंबर को मथुरा में प्रस्तावित कार सेवा को लेकर हरिद्वार में अखाड़ा परिषद ने स्थिति स्पष्ट की है। हरिद्वार में अखाड़ा परिषद से जुड़े संतों ने कहा कि 6 दिसंबर को परिषद की ओर से मथुरा में किसी भी प्रकार की कार सेवा नहीं होगी। अखाड़ा परिषद किसी कार सेवा का समर्थन नहीं करती है और अखाड़ा परिषद का कार से सेवा से कोई मतलब नहीं है। यह बात उन्होंने हरिद्वार में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर निर्माण के संकल्प के साथ लाई गई रजत शिला का विधि-विधान से पूजन के दौरान कही। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष डाॅ. रवींद्र पुरी महाराज एवं निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद महाराज ने अपने स्थान पर संकल्पित रजत शिला का पूजन किया। उधर, संतों से कहा कि न्यायालय के आदेश के बिना वह किसी प्रकार का समर्थन नहीं करेंगे।डाॅ. रवींद्र पुरी महाराज ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में ऐसा कोई कदम नहीं उठाया जा सकता है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े मामले का समाधान न्यायालय के माध्यम से ही संभव है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि प्रकरण में हिंदू पक्ष के याचिकाकर्ता दिनेश फलाहारी महाराज ने कहा कि उन्हें न्यायालय पर पूरा विश्वास है। जिस प्रकार अयोध्या मामले में न्यायालय के माध्यम से फैसला आया, उसी प्रकार मथुरा प्रकरण में भी न्यायालय से निर्णय आने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि 6 दिसंबर को अखाड़ा परिषद की ओर से किसी भी प्रकार की कार सेवा का कार्यक्रम नहीं होगा। उन्होंने दावा किया कि प्रकरण से संबंधित प्राचीन साक्ष्य न्यायालय में प्रस्तुत किए जा चुके हैं और इन्हीं के आधार पर न्यायालय निर्णय करेगा। 7455095736
