हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। श्रीकृष्ण जन्मभूमि के सिद्ध लीलामंच पर भक्ति, विश्वास एवं समर्पण की अलौकिक धाराओं की त्रिवेणी के रूप में भक्त मीराबाई लीला की प्रस्तुति श्रद्धालु दर्शकों को भावुक कर गयी। रासाचार्य स्वामी देवकीनन्दन महाराज द्वारा प्रस्तुत भक्त मीराबाई लीला में पात्रों ने अपने उत्कृष्ट भाव, सुमधुर भजन एवं सजीव संवादों के माध्यम से भक्त मीराबाई के त्याग, संघर्ष और अटूट कृष्णप्रेम को इस प्रकार प्रस्तुत किया कि सभी उपस्थित श्रद्धालु राधे-राधे के साथ भक्त मीरा के भी जयकारे लगाने लगे। भक्त मीराबाई के बाल्यकाल की लीला प्रसंग ने भक्तों को भावुक कर दिया। चार वर्ष की उम्र में ही भगवान श्रीकृष्ण के प्रति निश्चल प्रेम, संपूर्ण समर्पण का भाव एवं कृष्ण के लिए प्रगाढ़ भक्ति ने मीरा के चरित्र को विशिष्ट बना दिया। मेरो तो गिरधर गोपाल, दूसरों दूसरों न कोई भक्त मीराबाई का मात्र एक भजन नहीं है अपितु यह इनके शुद्ध शरणागत भाव की अभिव्यक्ति है। जीव गोस्वामी जी महाराज एवं भक्त मीराबाई के परस्पर सत्संग और संवाद ने ब्रज भाव को अनूठे तरीके से स्पष्ट किया है।
Author: Vijay Singhal
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