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गुरु पूर्णिमा: संत प्रेमानंद का संदेश, घर-घर ठाकुर जी की स्थापना करें; सद्गुरु की शरण से मिलेगा ईश्वर प्रेम

ByVijay Singhal

Jul 29, 2026
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हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। वृंदावन के संत प्रेमानंद महाराज ने गुरु पूर्णिमा महोत्सव पर परिकरों को संबोधित करते हुए कहा कि भगवान की सेवा सदैव श्रेष्ठ भाव और उत्तम पदार्थों से करनी चाहिए। सुंदर फल, दूध, मिष्ठान्न और विविध पकवान प्रेमपूर्वक ठाकुर जी को अर्पित करने से जीवन धन्य हो जाता है। उन्होंने श्रीमद्भागवत के पूतना प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि जब भगवान श्रीकृष्ण ने विषपान कराने के उद्देश्य से आई पूतना का भी उद्धार कर उसे माता यशोदा के समान गति प्रदान की, तो जो भक्त प्रतिदिन प्रेम और श्रद्धा से भगवान को भोग अर्पित करते हैं, उनके कल्याण में कोई संदेह नहीं हो सकता। प्रवचन में उन्होंने कहा कि शास्त्रों में सांख्ययोग, अष्टांगयोग, कर्मयोग, भक्तियोग और प्रेमयोग सहित अनेक साधनों का वर्णन मिलता है, लेकिन भगवान का प्रेम केवल निर्मल और द्रवित हृदय में ही प्रकट होता है। कठोर और मलिन हृदय में ईश्वर प्रेम का उदय नहीं होता। इसलिए सबसे पहले अपने अंतःकरण को शुद्ध करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जिन घरों में ठाकुर जी की स्थापना नहीं है और जहां उनकी नियमित सेवा-पूजा नहीं होती, उन्हें अपने जीवन में इस दिव्य सौभाग्य को अवश्य प्राप्त करना चाहिए। ठाकुर जी की नित्य सेवा, अर्चना और भक्ति ही जीवन को सफल, सुखमय और परम कल्याणकारी बनाती है।
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Vijay Singhal
Author: Vijay Singhal

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