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बालकों के मस्तक किन्तु बुजुर्गों के चरणों चूमते हैं हम- साध्वी ऋतंभरा

ByVijay Singhal

Jul 14, 2026
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हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल

मथुरा। छटीकरा मार्ग स्थित श्रीकृष्ण जन्माष्टमी आश्रम में एकल विद्यालय फाउण्डेशन ऑफ इण्डिया के पूर्व अध्यक्ष विजय मारू की पुस्तक साठ नॉट आउट का लोकार्पण पद्मभूषण विभूषित साध्वी ऋतंभरा एवं स्वामी गिरीशानंद महाराज द्वारा किया गया। लोकार्पण करते हुए साध्वी ऋतंभरा ने कहा कि हम बालकों के मस्तक को चूमते हैं किंतु बुजुर्गों के चरणों को चूमते हैं। इसका कारण यह है उनके जीवन के अनुभवों को ग्रहण करना। उन्होंने कहा कि साहित्य समाज की अभिव्यक्ति है। लेखक अपने चिंतन से समाज की विसंगतियों को ही नहीं उठाता, उनका समाधान भी देता है। लोगों के नकारात्मक विचारों को सकारात्मक बनाने का चिंतन भी देता है। स्वामी गिरीशानंद ने कहा विजय मारू ने नेवर से रिटायर होने के बाद वरिष्ठ नागरिकों के दर्द को समझा और उसे दूर करने के प्रयास को साठ नॉट आउट पुस्तक के रूप में संजोया है। पुस्तक का सन्देश स्पष्ट है कि साठ वर्ष जीवन का अन्त नहीं बल्कि एक नई और सार्थक शुरुआत है। लेखक विजय मारू ने बताया कि पुस्तक के लेख किसी शोध का परिणाम नहीं नहीं हैं बल्कि जीवन को निकट से देखने, समझने और अनुभव करने की संवेदनशील यात्रा के पड़ाव हैं।इस अवसर पर परमशक्ति पीठ के राष्ट्रीय सचिव संजय गुप्ता, रमाकान्त उपाध्याय, महंत फूलडोल दास, महंत लाड़िली दास,सी.वी पाटोदिया, साध्वी साक्षी चेतना, स्वामी सत्यशील आदि उपस्थित रहे। संचालन संजीव टेकरीवाल ने किया।

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Vijay Singhal
Author: Vijay Singhal

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