मथुरा। वृंदावन में ठाकुर बांकेबिहारी दर्शन के लिए भीषण गर्मी और सिर पर तेज धूप, तपती धरती पर नंगे पैर के बाद जब पुलिस के बैरियर पर भक्तों की भीड़ का दबाव पड़ता है तो हर श्रद्धालु बेसुध हो जाता है। गर्मी में पसीने से तरबतर और भीड़ के दबाव में आपाधापी के माहौल से राहत देने के जिम्मेदारों ने भक्तों की हालत की सुध लेने तक की जरूरत नहीं समझी। तभी तो घंटों बैरियर पर भक्तों को खड़े होने को मजबूर होना पड़ता है। लेकिन, अव्यवस्था पर भारी पड़ती भक्तों की आस्था ही है कि वे अव्यवस्थाओं से जूझते हुए आराध्य के दर्शन को संघर्ष करते हुए मंदिर की ओर आगे बढ़ रहे हैं। लेकिन, जिम्मेदार वातानुकूलित कमरों में बैठ कागजों पर भीड़ नियंत्रण की योजनाएं बना रहे हैं। भले ही ये योजनाएं धरातल पर उतर ही न पाई हैं।
बैरियर पर 15 मिनट रोके जा रहे श्रद्धालु
ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में हालात कुछ ऐसे कि हर भक्त को आराध्य के दर्शन करने को संघर्ष करना पड़ रहा है। संघर्ष श्रद्धालुओं की भीड़, भीषण गर्मी और सिर पर पड़ रही तेज धूप से ही नहीं बल्कि प्रशासनिक अनदेखी से भी भक्तों को जूझना पड़ रहा है। यही कारण है आए दिन श्रद्धालु बेसुध होकर बीमार पड़ रहे हैं और जिम्मेदार इन श्रद्धालुओं की सुध लेने तक का समय नहीं निकाल पा रहे हैं। ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में रविवार की सुबह मंदिर के पट खुले भी नहीं थे कि भक्तों की भारी भीड़ मंदिर आने वाले रास्ते पर पहुंच गई। पुलिस ने जगह जगह बैरियर लगाकर श्रद्धालुओं को रोकना शुरू कर दिया। बस फिर क्या था, हर बैरियर पर भक्तों की भीड़ का दबाव बनना शुरू हो गया। हर बैरियर पर लगभग पंद्रह मिनट श्रद्धालुओं को रोका जा रहा है। ऐसे में भीड़ और गर्मी में अकुलाए भक्तों में आपाधापी का माहौल उनकी कड़ी परीक्षा ले रहा है। हालात ये कि भीड़ के बीच महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों की हालत बेहद खराब हो रही है। लेकिन, श्रद्धालुओं का ये दर्द बैरियर पर खड़े पुलिसकर्मियों को भी दिखाई नहीं दे रहा है। जबकि प्रशासनिक अधिकारी तो मानो इस दर्द को समझने को ही तैयार नहीं है। यही कारण है आए दिन श्रद्धालुओं की हालत खराब हो रही है। इसी भीड़ के दबाव, गर्मी और श्रद्धालुओं की आपाधापी का खामियाजा मप्र के गुना निवासी श्रद्धालु ने अपनी जान गवां कर उठाया।
