हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। वृंदावन के प्रवेश मार्गों पर लगे सैकड़ों पेड़ दो विभागों के बीच जूझ रहे हैंं। निगम ने फुटपाथों पर टाइल्स लगाने के साथ पेड़ों के चारों तरफ खाली जगह नहीं छोड़ी। इससे पानी और पोषण पेड़ों को न मिलने के कारण दर्जनों पेड़ सूख कर गिरासू हो गए हैं। इसे लेकर जन शिकायत पर वन विभाग ने नगर निगम को जिम्मेदार ठहराते हुए पत्र भेजा। इसके तीन माह बाद भी पेड़ों का जीवन मुश्किल में है। नगर के छटीकरा मार्ग, मथुरा मार्ग एवं नगर के अंदर सड़क के दोनों ओर लगे कदंब, तमाल सहित अन्य प्रजातियों के तीन हजार से अधिक पेड़ लगे हैं। नगर निगम ने नेशनल ग्रीन ट्रिव्यूनल के आदेशों की अनदेखी करते हुए पेड़ों के चारों ओर टाइल्स लगाकर पक्का कर दिया है। इससे पेड़ों को मिलने वाला पानी और पोषण नहीं मिल पा रहा है। छटीकरा मार्ग पर एक मंदिर ने मार्ग के किनारे लगे विशाल पेड़ों को अपनी जद में ले लिया है। उन्हें टीन से ढक दिया है। इससे पेड़ों का विकास रुक गया है। कई विशाल पेड़ पानी और पोषण न मिलने के कारण सूख गए हैं। वह कभी भी मार्ग पर धराशायी हो सकते हैं। इसे लेकर अधिवक्ता विवेक महाजन ने वनाधिकारियों से शिकायत की। इस पर वन विभाग ने नगर निगम को पेड़ों के नष्ट होने और सूखने के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए पत्र लिखा है। जिसमें एनजीटी के आदेश के पालन की अनदेखी की गई है। क्षेत्रीय वन अधिकारी द्वारा जारी पत्र में कहा गया कि एनजीटी द्वारा पारित पर्यावरण संरक्षण के आदेश में वृक्षों के चारों ओर खुला क्षेत्र छोड़ा जाना आवश्यक है जबकि नगर निगम द्वारा पक्का कर दिया गया है। नगर निगम के अपर नगर आयुक्त सीपी पाठक ने कहा कि सभी मार्गाें पर लगे पेड़ों के चारों ओर खोदकर उन्हें व्यवस्थित किया जाएगा। इस संबंध में निर्माण विभाग को निर्देश दिए गए हैं।
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Author: Vijay Singhal
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