हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। फरह में सड़कों पर भीख मांगने के कष्टदायक जीवन से बचाई गई मादा हथनी फूलकली ने अपनी आजादी की 14वीं वर्षगांठ मनाई। वाइल्डलाइफ एसओएस ने बुजुर्ग हथनी को बचाया और उसे फरह स्थित हाथी संरक्षण और देखभाल केंद्र में ले आए। 50 से अधिक वर्षों तक हथनी फूलकली को उत्पीड़न और पीड़ा सहनी पड़ी। उसका जीवन उत्तर प्रदेश के आगरा की सड़कों पर यातायात और अराजकता के बीच सिमट गया था। घंटों तक गर्म तारकोल वाली सड़कों पर चलने से उसके पैरों में फोड़े, तलवों का फटना और संक्रमित घाव हो गए थे। कुपोषण, दाहिनी आंख में मोतियाबिंद का इलाज न होने के कारण वह देखने में असमर्थ भी थी। वाइल्डलाइफ एसओएस की देखरेख में स्वस्थ हो गई। लगभग 70 साल की हो चुकी फूलकली अपने छोटे से झुंड की मुखिया बन चुकी हैं। वाइल्डलाइफ एसओएस के सह-संस्थापक और सीईओ, कार्तिक सत्यनारायण ने कहा कि जंगल में मादा हथनी बड़े झुंड में रहती हैं।
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Author: Vijay Singhal
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