हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) में निलंबित अधिशासी अभियंता अजय कुमार सिंह ने बहाल होने के बाद शनिवार दोपहर में प्रांतीय खंड कार्यालय में खामोशी से चार्ज संभाल लिया। वह तीन माह पहले निलंबित हुए थे। उनके स्थान पर अभी तक एक्सईएन गुलवीर सिंह कार्यभार देख रहे थे। चार्ज संभालने वाले अभियंता गबन के आरोपों में घिरे हुए हैं। एक्सईएन अजय कुमार सिंह को इसी वर्ष 24 जनवरी को हाईकोर्ट के एक प्रकरण में समय पर हलफनामा दाखिल न करने और लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित कर लखनऊ मुख्यालय से संबद्ध किया गया था। जांच रिपोर्ट में पाया गया कि देरी के लिए अजय कुमार सिंह सीधे तौर पर जिम्मेदार नहीं थे, बल्कि जिस अधिकारी को जवाब दाखिल करना था, उन्होंने पारिवारिक परिस्थितियों के चलते ऐसा नहीं किया। जांच में आरोप सिद्ध न होने पर शासन के ओएसडी राजवीर सिंह ने 24 अप्रैल को उनके निलंबन और संबद्धीकरण के आदेश को निरस्त कर दिया, जिसके बाद शनिवार को उनकी विधिवत बहाली और चार्ज वापसी की प्रक्रिया पूरी हुई। भले ही हलफनामा प्रकरण में उन्हें राहत मिल गई हो, लेकिन अजय कुमार सिंह के ऊपर 12.47 लाख रुपये के गबन का एक गंभीर मामला अभी भी लंबित है। यह मामला कर्मचारियों की ई-ऑफिस ट्रेनिंग के लिए आवंटित बजट में धांधली से जुड़ा है, जिसका खुलासा अक्टूबर 2025 में हुई विशेष ऑडिट के दौरान हुआ था। गबन के इस मामले में उत्तर प्रदेश के एकाउंटेंट जनरल ने कड़ा रुख अपनाया है। पूर्व में अलीगढ़ के अधिकारियों द्वारा सौंपी गई जांच रिपोर्ट को एकाउंटेंट जनरल ने दबाव में बनाई गई मानकर सिरे से खारिज कर दिया था। फिलहाल, बिना किसी नवीन तैनाती आदेश के सीधे चार्ज लेने की इस प्रक्रिया ने विभाग के गलियारों में चर्चाएं तेज कर दी हैं।
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Author: Vijay Singhal
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