हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। छाता के राष्ट्रीय राजमार्ग-19 स्थित संस्कृत विश्वविद्यालय में पिछले 10 वर्षों से कार्यरत कर्मचारी की ड्यूटी के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना के बाद आक्रोशित परिजन ने विश्वविद्यालय के मुख्य गेट पर शव रखकर मुआवजे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया।
छाता के गांव सांखी निवासी बच्चू सिंह पंडित (56) पुत्र दुर्गी एक विश्वविद्यालय में माली का काम करते थे। बृहस्पतिवार शाम करीब 4 बजे ड्यूटी के दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। आनन-फानन विश्वविद्यालय प्रशासन ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराने के लिए भेजा, लेकिन रास्ते में उन्होंने दम तोड़ दिया। बच्चू के भाई जवाहर ने बताया कि उनके भाई पिछले एक दशक से यहां काम कर रहे थे। मौत से परिवार में कोहराम मच गया है। इसके बाद काफी संख्या में ग्रामीण और परिजन विश्वविद्यालय पहुंच गए। शव को मुख्य गेट के सामने रख दिया और मुआवजे की मांग पर हंगामा करने लगे। सूचना पर पहुंचे कोतवाली प्रभारी कमलेश सिंह ने परिजन को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। उधर विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि कर्मचारी के डॉक्टरी जांच में कर्मचारी की मौत हार्ट अटैक से होना पाया गया है। परिवार के प्रति विश्वविद्यालय प्रशासन की पूरी सांत्वना है। परिवार के एक व्यक्ति को नौकरी और पेंशन देने का आश्वासन दिया गया है।
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Author: Vijay Singhal
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