हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। सादाबाद से गांव गुडेरा लौटते समय राया-सादाबाद रोड पर गांव पलावत के समीप किसी वाहन को बचाने में अनियंत्रित थार गाड़ी पेड़ से टकरा गयी। इसके चलते सेना के कमांडो की मौत हो गयी, जबकि नेवी में तैनात जवान समेत तीन घायल हो गये। सदर पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेज दिया। घायलों में एक का उपचार एमएच मथुरा व दूसरे का उपचार जयपुर में चल रहा है। कमांडो की मौत से परिवार में कोहराम मच गया तो गांव में मातम छा गया। गांव गुडेरा, राया निवासी योगेन्द्र सिंह (32) वर्तमान में पठानकोट आर्मी की 3-जाट रेजीमेंट में तैनात था। यह करीब 25 दिन पहले अवकाश लेकर गांव आया था। गुरुवार शाम योगेन्द्र अपने दोस्त विष्णु (नेवी), जीतू और सत्यवीर के साथ सादाबाद रिश्तेदारी में गया था। गुरुवार देर रात वहां से चारों युवक थार से वापस आ रहे थे। रास्ते में सादाबाद-राया रोड पर गांव पलावत के समीप किसी वाहन को बचाने में अनियंत्रित होकर थार गाड़ी रोड किनारे खड़े पेड़ से टकरा गयी। घटना में चारों युवक गंभीर रूप से घायल हो गये। सूचना पर पहुंची सादाबाद क्षेत्र की पुलिस ने सभी को उपचार के लिये भर्ती करा परिजनों को सूचना दी। जानकारी होने पर मौके पर पहुंचे परिजनों ने योगेन्द्र, विष्णु को लाकर मिलिट्री हॉस्पिटल में भर्ती कराया तो जीतू को हाइवे स्थित शोभित हॉस्पिटल भर्ती कराया, जबकि सत्यवीर को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गयी। जीतू की हालत गंभीर होने पर परिजन बेहतर उपचार को जयपुर ले गये। उपचार के दौरान कमांडो योगेन्द्र सिंह की मौत हो गयी। सूचना पर सदर पुलिस ने शव कब्जे में कर पोस्टमार्टम को भिजवाया। इसकी जानकारी होने पर परिवार में कोहराम मच गया तो गांव में मातम छा गया। शव पोस्टमार्टम के बाद सेना के जवानों ने तिरंगे झंडे के ताबूत में शव रख कर सैनिक सम्मान के साथ गांव भिजवाया।पहले वन पैरा-एसएफ में थे कमांडो अब पठानकोट में तैनातपोस्टमार्टम गृह पर मौजूद मृतक के पिता ने बताया कि उनके तीन बेटे है। बड़ा बेटा जितेन्द्र हिमाचल में सेना में है, दूसरा बेटा धर्मेन्द्र सिंह रेलवे में महाराष्ट्र स्थित नांदेड में है तो तीसरा बेटा योगेन्द्र सबसे छोटा था। भाई धर्मेन्द्र सिंह ने बताया कि योगेन्द्र पहले वन पैरा-एसएफ में कमांडो था। वर्तमान में 3 जाट रेजीमेंट पठानकोट में तैनात था। होली से पूर्व छुट्टी लेकर गांव आया था। वहीं गांव नगौड़ा के प्रधान नीरज सोलंकी ने बताया कि योगन्द्र सेना में वर्ष 2010 में भर्ती हुए थे।अपने पीछे बिलखता छोड़ गया परिवारकमांडों योगेन्द्र शादी शुदा था। योगेन्द के पिता ने बताया कि योगेन्द्र की पत्नी एकता अपने बच्चों के साथ गांव में ही रहती है। उस पर पांच साल की बेटी और चार माह को बेटा है। उसकी मौत की जानकारी होने के बाद से परिजनों का पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना की जानकारी मिलने के बाद से ही गांव में मातम छा गया और सन्नाटा पसरा है। उसकी मौत की सूचना मिलने के बाद से ही घर पर शोक संवेदना व्यक्त करने वालों को तांता लगा रहा तो परिजनों को आसपडोस की महिलाएं ढांढ़स बंधाती रहीं।आज जाना था ड्यूटी पर वापसपोस्टमार्टम गृह पर मौजूद लोगों ने बताया कि मृतक योगेन्द्र बहुत ही मिलनसार व हंसमुख व्यक्तित्व का धनी था। शुक्रवार को ही उसे पठानकोट वापस ड्यूटी पर जाना था, लेकिन इससे पूर्व ही हादसे में उसकी मौत हो गयी।
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Author: Vijay Singhal
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