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रमणरेती आश्रम के संत कार्ष्णि दिव्यानंद महाराज पंचतत्व में विलीन

ByVijay Singhal

Jan 18, 2026
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हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। महावन कार्ष्णि रमणरेती आश्रम, महावन के वरिष्ठ संत व पीठाधीश्वर कार्ष्णि गुरुशरणानंद महाराज के निकटतम सहयोगी संत कार्ष्णि दिव्यानंद महाराज 50 वर्षीय हृदय गति रुकने से निधन हो गया। वे नासिक के त्र्यंबकेश्वर में अनुष्ठान संपन्न कर राजधानी एक्सप्रेस से मथुरा लौट रहे थे। यात्रा के दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई।आश्रम से मिली जानकारी के अनुसार, शुक्रवार रात करीब 8 बजे ट्रेन से मथुरा रवाना होने के कुछ समय बाद ही दिव्यानंद महाराज को दिल का दौरा पड़ा। ट्रेन में मौजूद एक डॉक्टर ने तत्काल प्राथमिक उपचार किया, लेकिन कुछ देर बाद दोबारा अटैक पड़ गया। जलगांव रेलवे स्टेशन पर उन्हें उतारकर अस्पताल ले गए, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उन्होंने दम तोड़ दिया। इसके बाद चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
निधन की सूचना मिलते ही महावन स्थित रमणरेती आश्रम में शोक की लहर दौड़ गई। शनिवार दोपहर लगभग 2 बजे उनका पार्थिव शरीर आश्रम लाया गया। यहां संतों ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ पंचगव्य से स्नान कराया। इसके उपरांत हरिनाम संकीर्तन करते हुए आश्रम की परिक्रमा कराई गई। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने अंतिम दर्शन कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। शनिवार अपराह्न 3 बजे यमुना तट पर विधि-विधान के साथ उन्हें समाधि दी गई। इस दौरान कार्ष्णि हरदेवानंद महाराज, कार्ष्णि गोविंदानंद महाराज, कार्ष्णि दिलीप महाराज, कार्ष्णि नागेंद्र महाराज समेत अनेक संत, शिष्य और श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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Vijay Singhal
Author: Vijay Singhal

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