हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। वृंदावन में ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर प्रबंधन के लिए सुप्रीम कोर्ट ने हाईपावर मैनेजमेंट कमेटी का गठन तो कर दिया, लेकिन सेवायत कमेटी के आदेश नहीं मान रहे। कमेटी ने मंदिर में दर्शन का समय बढ़ाया तो सेवायत उसे भी मानने को तैयार नहीं हैं। तीन दिन बीत जाने के बाद भी गुरुवार तक सेवायतों ने दर्शन के लिए नई समय सारिणी का पालन नहीं किया। कमेटी ने अब तक तीन आदेश किए हैं। इनमें से केवल वीआइपी पर्ची सिस्टम से दर्शन पर रोक लग सकी है। कमेटी के सचिव व डीएम सीपी सिंह का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट ने मंदिर की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के लिए कमेटी गठित की है। हम पूजा-पद्धति में हस्तक्षेप नहीं कर रहे हैं। श्रद्धालुओं की सुविधाओं को देखते हुए सेवायतों को भी इसमें सहयोग करना चाहिए। कमेटी के आदेश का अनुपालन कराया जाएगा। वरिष्ठ अधिवक्ता आरके अग्रवाल का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा बनाई गई कमेटी हाईपावर है। जब सरकार ने न्यास का एक्ट बनाया तो हाई कोर्ट का दखल अपने आप खत्म हो गया। मेरा मानना है कि हाईपावर कमेटी का आदेश न मानना, सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना है। यह सीधे तौर पर न्यायालय की अवमानना है। मंदिर में व्यवस्था प्रबंधन के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीश अशोक कुमार की अध्यक्षता में गठित कमेटी में मंदिर के चार सेवायत भी शामिल हैं। 29 सितंबर को बैठक में मंदिर में दर्शन करीब ढाई घंटे बढ़ाने का निर्णय 30 सितंबर से ही लागू करने का निर्णय लिया गया। मंदिर प्रबंधन कमेटी ने नई समय सारिणी भी जारी कर दी। सेवायत इसे मानने को तैयार नहीं हैं। सेवायतों का कहना है कि हाई कोर्ट के फैसले के आगे हम कमेटी का आदेश क्यों मानें। कमेटी यह लिखकर दे कि हाई कोर्ट का आदेश नहीं माना जाएगा।
