हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। गणेश चतुर्थी का त्योहार 27 अगस्त से शुरू हो गए। बाजारों में गणेश उत्सव की धूम नजर आ रही है। बाजारों में रंग-बिरंगी मूर्तियों और सजावटी सामान की दुकानों पर दिनभर ग्राहकों की भीड़ रही। इको-फ्रेंडली मूर्तियों की मांग इस बार ज्यादा है। गणेश चतुर्थी को लेकर लोगों में खास उत्साह देखने को मिल रहा है। घरों और मंदिरों में स्थापित करने के लिए गणेश की मूर्तियों की मांग बढ़ रही है। बाजारों में छोटे से लेकर बड़े आकार की गणेश मूर्तियां उपलब्ध हैं। कारीगरों ने मिट्टी और प्लास्टर ऑफ पेरिस से ये मूर्तियां तैयार की हैं। इनको अलग-अलग रंगों और डिजाइनों में सजाने से यह ग्राहकों को आकर्षित कर रही हैं। कुछ मूर्तियों पर पारंपरिक स्वरूप झलक रहा है तो कुछ आधुनिक अंदाज में तैयार की गई हैं। औरंगाबाद निवासी पूनम शर्मा ने बताया कि वे हर साल गणपति बप्पा को अपने घर पर स्थापित करने के लिए नई मूर्ति खरीदती हैं। इस बार भी अपनी पसंद की मूर्ति खरीदने के लिए काफी उत्साहित हैं। माया टीला निवासी सोनम अग्रवाल ने बताया कि वह हर साल घर के बाहर गणेशजी को बैठाती है। इस बार गणपति बप्पा सिंहासन पर विराजमान हैं ऐसी मूर्ति उन्होंने खरीदी है। दीपक ज्योतिष भागवत संस्थान के निदेशक ज्योतिषाचार्य कामेश्वर चतुर्वेदी में बताया कि भाद्रपद मास शुक्ल चतुर्थी तिथि को मध्याह्न समय में श्री गणेशजी का जन्म हुआ था। उनकी माता पार्वती एवं पिता महादेव हैं। मध्यान्ह समय में पंचामृत अभिषेक पूजा अर्चना करने से सभी मनोकामना पूर्ण होती हैं। पूजा का अति श्रेष्ठ समय 12:30 बजे से है। शरद चतुर्वेदी ने बताया कि पूजा सामग्री में रोली, चावल, फूल, मिष्ठान, चंदन, दूध, दही, घृत, शहद, लड्डू का प्रसाद दूर्वा एवं खील, फूलमाला, दीपक अवश्य रखें।
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Author: Vijay Singhal
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