हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। मथुरा-वृंदावन के अधिकतर तीर्थ स्थल संवारे जा रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार राधारानी की जन्मस्थली रावल को भूल गए। गांव जाने वाले मार्ग पर गड्ढे हो रहे हैं। और तो और राधारानी जन्मस्थान मंदिर के पास बने बगीचे की हालात भी खस्ता हो गई है। चहारदीवारी जर्जर है और कुछ हिस्सा ढह भी गया है। यहां श्रद्धालुओं को पग-पग पर बाधा का सामना करना पड़ता है। विजन-2030 के तहत मथुरा-वृंदावन को पर्यटन हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके तहत जिले के मठ-मंदिर और कुंडों का पौराणिक स्वरूप में जीर्णोद्धार किया जा रहा है। यहां तक कि बरसाना में श्रीजी मंदिर के पास रंगीली चौक का भी विस्तारीकरण शामिल है, लेकिन राधारानी की जन्मस्थली रावल को किसी भी योजना में शामिल नहीं किया गया है। अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के देखरेख के अभाव में गांव की हालत खस्ता हो गई है। जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं। मंदिर के पास बनीं गोशाला की स्थिति बदहाल है। गोशाला का एक भवन बिना लिंटर के खड़ा है और दूसरे की हालात जर्जर है। यही नहीं मंदिर के पास बनीं बगीची की चहारदीवारी का एक हिस्सा ढह गया और सफाई व्यवस्था भी बदहाल है। ग्रामीणों का कहना है कि यहां कोई भी अधिकारी और जनप्रतिनिधि झांकने तक नहीं आता है। ग्रामीणों ने सफाई कराने और स्थितियां दुरुस्त करने के लिए कई बाद जनप्रतिनिधियों से मांग की, लेकिन किसी ने कोई सुनवाई नहीं की।
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Author: Vijay Singhal
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