हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। जिले के सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार पर नकेल कसनी शुरू हो गई है। एंटी करप्शन टीम और विजिलेंस टीम भ्रष्टाचारियों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर जेल भेज रही हैं। बीते छह माह में पांच अधिकारी और कर्मचारियों को जेल भेजा गया है। इसके बाद भी रिश्वत लेने से जिम्मेदार बाज नहीं आ रहे हैं। शासन के सख्त आदेश हैं कि अधिकारी और कर्मचारी जनता के कार्यों को प्राथमिकता पर कराएं। इसके बाद भी जेबें भरने की चाहत में जिम्मेदार जनता का काम करने के बजाय उसे लटकाए रहते हैं। रिश्वत के रुपयों से जेब गर्म होने के बाद ही उनके काम किए जाते हैं, लेकिन अब भ्रष्टाचार पर नकेल डालने का काम शुरू हो गया है। रिश्वत लेने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए एंटी करप्शन टीम और विजिलेंट टीम हर समय तैयार है। यही कारण है कि बीते छह माह में मथुरा के पांच अधिकारियों और कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया जा रहा है। 2025 की अगर बात करें तो सबसे पहले डीपीआरओ किरन चौधरी को 70 हजार रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में रंगे हाथ उनके आवास से गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद 6 मई को जिला अस्पताल के ईएमओ डाॅ. हरिनारायन प्रभाकर समेत चार को पुलिस भर्ती में मेडिकल के नाम पर रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। एक महीना भी नहीं बीत पाया कि सदर तहसील के कानूनगो नरेंद्र सिंह तरकर ने फौती के नाम पर रिश्वत मांगी और उन्हें एंटी करप्शन टीम ने रंगे हाथ धर दबोचा। वहीं, 3 जुलाई को गोविंदनगर थाने के सिपाही मोहित चौहान को एंटी करप्शन टीम ने 50 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था और अब वन विभाग के प्रधान सहायक को गिरफ्तार किया है। इतनी कार्रवाइयों के बाद भी भ्रष्टाचारियों के हौसले कम नहीं हो रहे हैं। दूसरी तरफ एंटी करप्शन की टीम उन्हें रंगे हाथ दबोचने के लिए हर समय तैयार है।
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Author: Vijay Singhal
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