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कलश शोभायात्रा में उमड़ा जनसैलाब

ByVijay Singhal

May 30, 2025
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हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। नौहझील में श्रीझाड़ी हनुमानजी मंदिर पर 34वें वार्षिकोत्सव के तहत आयोजित श्रीमद्भागवत कथा से पूर्व कस्बे में भव्य कलश शोभायात्रा निकाली गई। इस दौरान श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। करीब एक किलोमीटर तक मानव शृंखला बनी रही। भागवतवक्ता अनिरुद्धाचार्य महाराज आकर्षण का केंद्र रहे। हेलिकॉप्टर द्वारा पुष्प वर्षा की गई। कस्बावासियों ने जगह-जगह स्वागत किया। बगीची से यात्रा शुरू हुई। इसमें 751 महिलाएं सिर पर कलश रखकर नंगे पैर चल रहीं थीं। कलश यात्रा अग्रवाल बगीची से शुरू होकर द्रोपदी चौक, पथवारी मंदिर, टोली मोहल्ला, रेतिया बाजार, चामड़ चौराहा, शेरगढ़ रोड होते हुए हनुमानजी मंदिर पहुंची। कलश यात्रा में डीजे व बैंड मधुर भजनों पर अपनी प्रस्तुति दे रहे थे। घोड़ी डांस, साधू-संतों के अखाड़ों द्वारा तलवारबाजी का प्रदर्शन किया गया। शिव तांडव, राम दरबार, राधा-कृष्ण, हनुमानजी, बांके बिहारी सहित अन्य झांकियां मन मोह रहीं थीं। शोभायात्रा में जगद्गुरु नाभा द्वाराचार्य सुतीक्षण दास महाराज, महंत रामरतन दास महाराज, भागवताचार्य अनिरुद्धाचार्य महाराज साधु-संतों के साथ रथों में सवार होकर चल रहे थे। समाजसेवियों द्वारा जगह-जगह शीतल पेय पदार्थ, बिस्कुट, नमकीन आदि का वितरण किया। ब्लाक प्रमुख सुमन चौधरी, प्रधान प्रशांत गुप्ता, मनीष जिंदल, विवेक जिंदल, शशि शर्मा, मोरध्वज अग्रवाल, मुकेश अग्रवाल, कन्हैया गुप्ता, प्रवीन कटारा, उमाकांत शर्मा, गौरांग अग्रवाल, अशोक शर्मा, ईश्वरी प्रसाद अग्रवाल आदि शामिल रहे। सुरक्षा के दृष्टिगत थाना प्रभारी सोनू सिंह, उपनिरीक्षक अंकित कुमार, दीपक नागर पुलिस फोर्स के साथ मौजूद रहे।
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Author: Vijay Singhal

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मथुरा। श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह प्रकरण को लेकर 6 दिसंबर को मथुरा में प्रस्तावित कार सेवा को लेकर हरिद्वार में अखाड़ा परिषद ने स्थिति स्पष्ट की है। हरिद्वार में अखाड़ा परिषद से जुड़े संतों ने कहा कि 6 दिसंबर को परिषद की ओर से मथुरा में किसी भी प्रकार की कार सेवा नहीं होगी। अखाड़ा परिषद किसी कार सेवा का समर्थन नहीं करती है और अखाड़ा परिषद का कार से सेवा से कोई मतलब नहीं है। यह बात उन्होंने हरिद्वार में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर निर्माण के संकल्प के साथ लाई गई रजत शिला का विधि-विधान से पूजन के दौरान कही। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष डाॅ. रवींद्र पुरी महाराज एवं निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद महाराज ने अपने स्थान पर संकल्पित रजत शिला का पूजन किया। उधर, संतों से कहा कि न्यायालय के आदेश के बिना वह किसी प्रकार का समर्थन नहीं करेंगे।डाॅ. रवींद्र पुरी महाराज ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में ऐसा कोई कदम नहीं उठाया जा सकता है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े मामले का समाधान न्यायालय के माध्यम से ही संभव है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि प्रकरण में हिंदू पक्ष के याचिकाकर्ता दिनेश फलाहारी महाराज ने कहा कि उन्हें न्यायालय पर पूरा विश्वास है। जिस प्रकार अयोध्या मामले में न्यायालय के माध्यम से फैसला आया, उसी प्रकार मथुरा प्रकरण में भी न्यायालय से निर्णय आने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि 6 दिसंबर को अखाड़ा परिषद की ओर से किसी भी प्रकार की कार सेवा का कार्यक्रम नहीं होगा। उन्होंने दावा किया कि प्रकरण से संबंधित प्राचीन साक्ष्य न्यायालय में प्रस्तुत किए जा चुके हैं और इन्हीं के आधार पर न्यायालय निर्णय करेगा। 7455095736
मथुरा में 6 दिसंबर को कार सेवा नहीं होगी:अखाड़ा परिषद ने किया कार्यक्रम रद्द,

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मथुरा। श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह प्रकरण को लेकर 6 दिसंबर को मथुरा में प्रस्तावित कार सेवा को लेकर हरिद्वार में अखाड़ा परिषद ने स्थिति स्पष्ट की है। हरिद्वार में अखाड़ा परिषद से जुड़े संतों ने कहा कि 6 दिसंबर को परिषद की ओर से मथुरा में किसी भी प्रकार की कार सेवा नहीं होगी। अखाड़ा परिषद किसी कार सेवा का समर्थन नहीं करती है और अखाड़ा परिषद का कार से सेवा से कोई मतलब नहीं है। यह बात उन्होंने हरिद्वार में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर निर्माण के संकल्प के साथ लाई गई रजत शिला का विधि-विधान से पूजन के दौरान कही। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष डाॅ. रवींद्र पुरी महाराज एवं निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद महाराज ने अपने स्थान पर संकल्पित रजत शिला का पूजन किया। उधर, संतों से कहा कि न्यायालय के आदेश के बिना वह किसी प्रकार का समर्थन नहीं करेंगे।डाॅ. रवींद्र पुरी महाराज ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में ऐसा कोई कदम नहीं उठाया जा सकता है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े मामले का समाधान न्यायालय के माध्यम से ही संभव है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि प्रकरण में हिंदू पक्ष के याचिकाकर्ता दिनेश फलाहारी महाराज ने कहा कि उन्हें न्यायालय पर पूरा विश्वास है। जिस प्रकार अयोध्या मामले में न्यायालय के माध्यम से फैसला आया, उसी प्रकार मथुरा प्रकरण में भी न्यायालय से निर्णय आने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि 6 दिसंबर को अखाड़ा परिषद की ओर से किसी भी प्रकार की कार सेवा का कार्यक्रम नहीं होगा। उन्होंने दावा किया कि प्रकरण से संबंधित प्राचीन साक्ष्य न्यायालय में प्रस्तुत किए जा चुके हैं और इन्हीं के आधार पर न्यायालय निर्णय करेगा। 7455095736