• Fri. Sep 11th, 2026

वृन्दावन में ई रिक्शाओं बने जाम की मुख्य बजह, राहगीर रहे परेशान

ByVijay Singhal

May 25, 2025
Spread the love

 

हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल

मथुरा । ना ही तीज और ना ही त्यौहार, फिर भी वृंदावन की सड़कों पर वाहनों की लंबी कतार। प्रशासन द्वारा लाख कोशिशों के बाद भी ये सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। रविवार की सुबह से ही शहर की हर सड़क पर ई रिक्शाओं की अनगिनत संख्या के चलते लंबी लंबी कतार लग गई। जाम में फंसे श्रद्धालु न तो समय पर मंदिरो के दर्शन को ही पहुंच पा रहे थे और न ही अपने वाहनों को पार्किंग तक पहुंचाने में कामयाब हो रहे थे। रेंगते हुए वाहनों की लंबी कतार को व्यवस्थित करने को मौजूद पुलिसफोर्स भी खुद को असहाय ही मान रहे थे। हालात ये कि सबसे व्यस्ततम इलाके नगर निगम चौराहा, गोपीनाथ बाजार में पैदल राहगीरों का रास्ता तय करना मुश्किल भरा था। स्थानीय लोग स्वयं भी जाम खुलवाते नजर आए। बीाहिी ई रिक्शाओं ने शहर में यातायात पूरी तरह बाधित कर दिया। धार्मिक वृंदावन में लगने वाले जाम से निजात मिल सके,इसे लेकर सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने समय समय पर चेकिंग अभियान चलाने के आदेश भी दिए थे।जिनका कुछ दिनों तक तो पालन हुआ,लेकिन जैसे ही मुखिया के आदेशो को समय बीता तो आदेश भी हवा हवाई हो गए। जिसके कारण नगर की सड़को पर बेलगाम दौड़ते ई रिक्शाओं के कारण जाम की स्थिति बननी शुरू हो गई।

7455095736
Vijay Singhal
Author: Vijay Singhal

50% LikesVS
50% Dislikes
मथुरा स्टेशन से बच्चा चोरी का पर्दाफाश, महिला ने प्रेमी संग चुराया मासूम, मुरैना से गिरफ्तार
मथुरा। श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह प्रकरण को लेकर 6 दिसंबर को मथुरा में प्रस्तावित कार सेवा को लेकर हरिद्वार में अखाड़ा परिषद ने स्थिति स्पष्ट की है। हरिद्वार में अखाड़ा परिषद से जुड़े संतों ने कहा कि 6 दिसंबर को परिषद की ओर से मथुरा में किसी भी प्रकार की कार सेवा नहीं होगी। अखाड़ा परिषद किसी कार सेवा का समर्थन नहीं करती है और अखाड़ा परिषद का कार से सेवा से कोई मतलब नहीं है। यह बात उन्होंने हरिद्वार में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर निर्माण के संकल्प के साथ लाई गई रजत शिला का विधि-विधान से पूजन के दौरान कही। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष डाॅ. रवींद्र पुरी महाराज एवं निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद महाराज ने अपने स्थान पर संकल्पित रजत शिला का पूजन किया। उधर, संतों से कहा कि न्यायालय के आदेश के बिना वह किसी प्रकार का समर्थन नहीं करेंगे।डाॅ. रवींद्र पुरी महाराज ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में ऐसा कोई कदम नहीं उठाया जा सकता है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े मामले का समाधान न्यायालय के माध्यम से ही संभव है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि प्रकरण में हिंदू पक्ष के याचिकाकर्ता दिनेश फलाहारी महाराज ने कहा कि उन्हें न्यायालय पर पूरा विश्वास है। जिस प्रकार अयोध्या मामले में न्यायालय के माध्यम से फैसला आया, उसी प्रकार मथुरा प्रकरण में भी न्यायालय से निर्णय आने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि 6 दिसंबर को अखाड़ा परिषद की ओर से किसी भी प्रकार की कार सेवा का कार्यक्रम नहीं होगा। उन्होंने दावा किया कि प्रकरण से संबंधित प्राचीन साक्ष्य न्यायालय में प्रस्तुत किए जा चुके हैं और इन्हीं के आधार पर न्यायालय निर्णय करेगा। 7455095736
मथुरा में 6 दिसंबर को कार सेवा नहीं होगी:अखाड़ा परिषद ने किया कार्यक्रम रद्द,

Leave a Reply

Your email address will not be published.

You missed

मथुरा। श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह प्रकरण को लेकर 6 दिसंबर को मथुरा में प्रस्तावित कार सेवा को लेकर हरिद्वार में अखाड़ा परिषद ने स्थिति स्पष्ट की है। हरिद्वार में अखाड़ा परिषद से जुड़े संतों ने कहा कि 6 दिसंबर को परिषद की ओर से मथुरा में किसी भी प्रकार की कार सेवा नहीं होगी। अखाड़ा परिषद किसी कार सेवा का समर्थन नहीं करती है और अखाड़ा परिषद का कार से सेवा से कोई मतलब नहीं है। यह बात उन्होंने हरिद्वार में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर निर्माण के संकल्प के साथ लाई गई रजत शिला का विधि-विधान से पूजन के दौरान कही। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष डाॅ. रवींद्र पुरी महाराज एवं निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद महाराज ने अपने स्थान पर संकल्पित रजत शिला का पूजन किया। उधर, संतों से कहा कि न्यायालय के आदेश के बिना वह किसी प्रकार का समर्थन नहीं करेंगे।डाॅ. रवींद्र पुरी महाराज ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में ऐसा कोई कदम नहीं उठाया जा सकता है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े मामले का समाधान न्यायालय के माध्यम से ही संभव है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि प्रकरण में हिंदू पक्ष के याचिकाकर्ता दिनेश फलाहारी महाराज ने कहा कि उन्हें न्यायालय पर पूरा विश्वास है। जिस प्रकार अयोध्या मामले में न्यायालय के माध्यम से फैसला आया, उसी प्रकार मथुरा प्रकरण में भी न्यायालय से निर्णय आने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि 6 दिसंबर को अखाड़ा परिषद की ओर से किसी भी प्रकार की कार सेवा का कार्यक्रम नहीं होगा। उन्होंने दावा किया कि प्रकरण से संबंधित प्राचीन साक्ष्य न्यायालय में प्रस्तुत किए जा चुके हैं और इन्हीं के आधार पर न्यायालय निर्णय करेगा। 7455095736