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श्री मलूकदास जी की 451वीं जयंती पर भक्ति, ज्ञान और संस्कृति का दिखा संगम

ByVijay Singhal

Apr 19, 2025
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हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। वृंदावन में श्री मलूकपीठ बिहारी सेवा संस्थान में संत श्री मलूकदास जी महाराज की 451वीं जयंती के पावन अवसर पर चल रहे महोत्सव के सप्तम दिवस को भक्ति, आध्यात्मिकता और सनातन धर्म की गरिमा के साथ मनाया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथियों में योगगुरु बाबा रामदेव और कार्ष्णि पीठाधीश्वर गुरु शरणानंद महाराज सम्मिलित हुए। दोनों संतों ने श्री मलूकदास जी की समाधि पर पूजन किया और उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर श्रीमद् भागवत कथा के समापन दिवस पर श्रीमज्जगद्गुरु द्वाराचार्य एवं पीठाधीश्वर डॉ. राजेन्द्र दास देवाचार्य महाराज ने मुक्ति खंड पर प्रवचन करते हुए कहा सच्चा धर्म वही है जो व्यक्ति को राग-द्वेष त्यागकर आत्ममुक्ति की ओर ले जाए। भागवत कथा का श्रवण तभी सार्थक है जब जीवन में उसका अमल हो। बाबा रामदेव ने अपने उद्बोधन में सनातन धर्म पर हो रहे षड्यंत्रों के विरुद्ध एकजुटता की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा भारत आज आर्थिक, राजनीतिक, धार्मिक और सांस्कृतिक आतंकवाद का सामना कर रहा है। हमें अपनी शक्ति, संयम और संगठन से इन सनातन विरोधी ताक़तों का मुकाबला करना होगा। उन्होंने संत मलूकदास जी को महान आचार्य बताते हुए कहा कि विश्व को दिशा भारत से ही मिलेगी। गुरु शरणानंद महाराज ने गुरु महिमा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बिना गुरु के भगवत कृपा पाना भवसागर पार करने जैसा है। प्रत्येक व्यक्ति को गुरु दीक्षा लेकर उनके बताए मार्ग पर चलना चाहिए। महोत्सव में संत गोरेलाल पीठाधीश्वर महाराज, संत लाडली शरण महाराज, रसिक माधव दास महाराज, गोपेश बाबा, अनुराग दास महाराज, धनंजय दास आदि मौजूद रहे।
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Vijay Singhal
Author: Vijay Singhal

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