हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। वृंदावन में श्रीधाम वृंदावन को प्रदूषण मुक्त बनाने के उद्देश्य से 28 वर्ष पहले 16 अप्रैल 1997 को रामनवमी के दिन ब्रजवासियों ने प्रदूषण मुक्ति सेवा की शुरुआत की थी। आज यह आंदोलन केवल वृंदावन तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि इसकी आवाज अब देश-विदेश में गूंज रही है और इसने सफाई व्यवस्था को लेकर जागरूकता बढ़ाई है। इतिहासकार आचार्य प्रहलाद वल्लभ गोस्वामी ने बताया कि करीब तीन दशक पहले तक वृंदावन की गलियों और बाजारों में कूड़े के बड़े ढेर लगे रहते थे। सड़कों के दोनों ओर गंदगी फैली रहती थी और छुट्टा पशु अक्सर भटकते रहते थे जिससे श्रद्धालुओं को भगवान के दर्शन में मुश्किलें आती थीं। इसके अलावा मंदिरों में भी सफाई की कोई विशेष व्यवस्था नहीं थी जिससे आने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी होती थी। प्रदूषण और गंदगी की इस समस्या का समाधान निकालने के लिए ब्रजवासियों ने मिलकर प्रदूषण मुक्ति आंदोलन की शुरुआत की। दिल्ली से आए संजय रतन के नेतृत्व में वृंदावन बंधु नामक संस्था का गठन किया गया और इतिहासकार आचार्य प्रहलाद वल्लभ गोस्वामी को परियोजना अधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया था। इस संस्था ने मथुरा-वृन्दावन विकास प्राधिकरण के अधिकारियों से मिलकर प्रदूषण हटाने की योजनाओं पर काम किया। 1997 में श्रीरामनवमी के दिन ठाकुर श्रीबांकेबिहारी मंदिर में प्रदूषण मुक्ति सेवा का विधिवत उद्घाटन किया गया। इस मौके पर धामसेवी सेवक शरण महाराज, आचार्य श्रीवत्स गोस्वामी, ललित बल्लभ गोस्वामी, भाजपा जिलाध्यक्ष लक्ष्मी नारायण पाठक सहित कई प्रतिष्ठित व्यक्ति उपस्थित थे। आचार्य प्रहलाद वल्लभ गोस्वामी ने बताया कि इस अभियान को भगवान श्रीकृष्ण की लीला से प्रेरणा मिली जब उन्होंने यमुना को प्रदूषण से मुक्त करने के लिए कालिया नाग को नाथ किया था। इसी लीला की प्रेरणा से ब्रजवासियों ने प्रदूषण मुक्ति आंदोलन की शुरुआत की।
7455095736
Author: Vijay Singhal
50% LikesVS
50% Dislikes
