हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। थाना रिफाइनरी पुलिस हमलावरों की गिरफ्तारी एकदम फिल्मी स्टाइल में कर रही है। तभी तो प्रत्येक हमलावर की गिरफ्तारी को एक्शन फोटो और वीडियो जारी किया जा रहा है। पुलिस के जारी किए गए फोटो और वीडियो से स्पष्ट है कि दबिश के दौरान पुलिस अपने साथ एक फोटोग्राफर और वीडियोग्राफर को साथ लेकर चल रही है। तभी तो हमलावरों को नीचे दबोचते हुए, ट्रैक्टर से पकड़ते हुए का वीडियो जारी हो रहा है। रविवार को पुलिस ने एक हमलावर को झाड़ियों में से दबोचते हुए का फोटो जारी किया। फोटो में स्पष्ट है कि पुलिस का ध्यान गिरफ्तारी की ओर कम और एक्शन फोटो और वीडियो बनाने की ओर ज्यादा दिखाई दे रहा है। सोमवार को भी पुलिस ने एक ऐसा ही वीडियो जारी किया। इस वीडियो में पुलिस कर्मी ट्रैक्टर पर बैठे आरोपी को पकड़ते दिखाई दे रहे हैं। इस वीडियो में एक पुलिसकर्मी तो हमलावरों को गिरफ्तार करते समय हंसता हुआ दिख रहा है। इससे साफ प्रतीत होता है कि पुलिस की दबिश के नाम पर वीडियो और फोटो शूट किया जा रहा है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट के डीजीसी शिवराम सिंह ने बताया कि पुलिस दबिश का वीडियो और फोटो मुकदमे की गंभीरता पर निर्भर करता है। संदिग्ध मामलों को छोड़ दिया जाए तो कोर्ट में इस तरह का कोई वीडियो और फोटो दाखिल नहीं किए जाते हैं। एसपी सिटी डॉ. अरविंद कुमार ने बताया कि नए कानून के तहत पुलिस को बरामदगी औद दबिश की वीडियो बनाती होती है।
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Author: Vijay Singhal
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