हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। एआरटीओ कार्यालय में भ्रष्टाचार कोई नई बात नहीं है। पहले भी आसपास के जिलों के कार्यालयों में भ्रष्टाचार के मामले सामने आते रहते हैं। अधिकांश मामले डीएम और एसपी के संयुक्त औचक निरीक्षण या छापे में सामने आते हैं लेकिन मथुरा के लोगों का दुर्भाग्य है कि यहां कभी डीएम और एसएसपी ने एआरटीओ कार्यालय जाकर हकीकत जानने की कोशिश ही नहीं की। यही कारण है कि मथुरा एआरटीओ कार्यालय में खुलेआम दलाल हाथ में फाइलें लिए घूमते नजर आते हैं। नीतू सिंह, एआरटीओ प्रशासन ने बताया, अगर कोई बिना टेस्ट दिलाए डीएल बनाने का दावा कर रहा है तो गलत है। डीएल की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है, अगर कहीं भी आवेदक के अलावा कोई भी कैमरे में आता है तो आवेदक स्वत: ही फेल कर दिया जाता है। कार्यालय का कोई भी कर्मचारी इसमें कुछ नहीं कर सकता है।
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Author: Vijay Singhal
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