वाराणसी में छापा मारकर रौनक को गिरफ्तार किया
यह जानकारी पता लगते ही मथुरा GRP वाराणसी पहुंची। वहां पुलिस से संपर्क किया। यहां सारनाथ क्षेत्र में श्रीनगर कॉलोनी से एक नकली नोट छापते समय रौनक उर्फ मुकेश उर्फ टीपू को गिरफ्तार किया। रौनक नकली नोट छापने और उनके बांटने का काम करता था। एसपी GRP मोहम्मद मुस्ताक के मुताबिक, रौनक के पास से नोट छापने की हाईटेक मशीन और सिक्योरिटी थ्रेड (धागा) बरामद हुआ है। वह चीन की एक कंपनी से अलीबाबा.कॉम के जरिए भारत में सिक्योरिटी थ्रेड मंगाता था। इसके बाद देश के अलग-अलग हिस्सों में बैठे गिरोह के सदस्य इस सिक्योरिटी थ्रेड के जरिए नकली नोट छापते हैं।
नोट छापने की मशीन तेलंगाना-पंजाब से मंगवाई
रौनक से पूछताछ में बताया कि उसने नोट छापने की मशीन तेलंगाना और पंजाब से मंगाई थी। यह काफी हाईटेक है। इस गिरोह का नेटवर्क यूपी के अलावा राजस्थान, मध्यप्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में फैला है। इस गिरोह के सभी मेंबर्स की अलग-अलग जिम्मेदारी है। कोई सदस्य चीन से सिक्योरिटी थ्रेड मंगाता है, कोई मशीन, कोई नोट छापता है तो कोई उन नकली नोटों को खपाने का काम करता है। पुलिस की गिरफ्त में आए रौनक ने पूछताछ में बताया कि उसने प्रिंटिंग कोर्स में डिप्लोमा किया है। पूर्व में एक प्रिंटिंग प्रेस में काम करता था। इसी दौरान सन शाइन नामक प्रॉपर्टी डीलिंग कंपनी में पैसा इन्वेस्ट किया। इसमें डेढ़ करोड़ का नुकसान हुआ। तभी पश्चिम बंगाल के मालदा में नकली नोट का धंधा करने वाले ब्रजेश मौर्या से मुलाकात हुई।राजस्थान का रहने वाला ब्रजेश, पश्चिम बंगाल से नकली नोट का धंधा करता है। ब्रजेश ने रौनक को नकली नोट छापने और ज्यादा पैसा कमाने के बारे में बताया। इसके बाद रौनक ने वाराणसी में एक मकान किराए पर लिया और नकली नोट छापना शुरू कर दिया। पुलिस ने रौनक के पास से 500-500 रुपए के 21 नकली नोट बने, 4 अर्ध-निर्मित नोट, सिक्योरिटी थ्रेड का रोल, कंप्यूटर, हाई क्लास प्रिंटर, बड़ी फोटो स्टेट मशीन, लेमिनेशन
