हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। मुफ्त राशन योजना का लाभ लेने वाले उन किसानों को जिला पूर्ति विभाग ने झटका दिया है। जो अपनी फसल बेचकर गरीबों को मिलने वाले राशन का लाभ उठा रहे थे। जिले में ऐसे 178 किसानों के राशन कार्ड निरस्त कर दिए गए हैं। जिले में 823 राशन डीलरों के यहां पर 4 लाख 64 हजार 296 कार्डधारकों को 18 लाख 63 हजार 437 सदस्यों (यूनिट) को निशुल्क राशन वितरण किया जाता है। अंत्योदय और पात्र गृहस्थी के लाभार्थियों को अलग-अलग मात्रा में राशन वितरित होता है। अंत्योदय कार्डधारकों के 1 लाख 13 हजार सदस्यों को प्रतिमाह 35 किलोग्राम राशन मुफ्त दिया मिलता है। पात्र गृहस्थी के 17 लाख 48 हजार सदस्यों को पांच किलो राशन मुक्त मिलता है, लेकिन इसमें कई ऐसे किसान शामिल थे जिनके पास खेती के लिए जमीन थी। जिला पूर्ति विभाग को शासन से मिली सूची के बाद बाद 178 राशन कार्डधारकों को अपात्र घोषित करके कार्ड निरस्त कर दिया गया। जिला पूर्ति अधिकारी सतीश मिश्रा ने बताया कि शासन के निर्देश पर मुफ्त राशन लेने वाले कार्डधारकों और सरकारी क्रय केंद्रों पर उपज बेचने वालों का मिलान कराया गया। जिले में 178 किसान ऐसे थे जो मुफ्त राशन ले रहे थे। यही करण है कि उनके नाम सूची से हटाए गए हैं। कई किसान अब कार्यालय कार्ड कटने के बाद पहुंच रहे हैं। विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिले में गेहूं, धान, बाजरा व मक्का की सरकारी खरीद हर साल की जाती है। यहां पर किसानों को उपज बिक्री करने के लिए पहले जमीन कागजात से लेकर आधार व अन्य जानकारी देकर पंजीकरण कराना होता हे। विभागीय सूत्र बताते हैं कि यह ब्योरा शासन स्तर से पकड़ा गया है। जो किसान दो हेक्टेयर से ज्यादा फसल उत्पादक पाए गए उन्हें राशन कार्ड के दायरे से बाहर कर दिया गया है।
7455095736
Author: Vijay Singhal
50% LikesVS
50% Dislikes
