हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। जैंत थाना क्षेत्र स्थित छटीकरा रोड पर डालमिया फार्म हाउस में 454 पेड़ काटने के आरोपी शंकर सेठ की अंतरिम जमानत पर सुनवाई की तारीख बढ़ गई है। अलग-अलग कोर्ट में चल रहे मुकदमों में अलग-अलग तारीख लगी है। वन विभाग के अधिवक्ताओं ने आरोपियों की जमानत निरस्त करने के लिए कोर्ट के समक्ष सुप्रीम कोर्ट की रूलिंग के साथ कई अन्य साक्ष्य भी रखे। इसके आधार पर कोर्ट ने अंतरिम जमानत पर सुनवाई की तारीख बढ़ाई है। बुधवार को वन विभाग के मुकदमे में पेड़ काटने के आरोपी शंकर सेठ की अंतरिम जमानत पर सुनवाई एसीजेएम (प्रथम) सोनिया वर्मा की अदालत में हुई। वन विभाग के अधिवक्ताओं ने वन्य जीव (संरक्षण) अधिनियम, सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना और जांच को प्रभावित करने का तर्क रखते हुए जमानत न देने की दलील दी। न्यायाधीश ने मामले की गंभीरता को देखते हुए शंकर सेठ की अंतरिम जमानत पर सुनवाई के लिए 11 अक्तूबर की तारीख तय कर पुलिस से दो दिन के अंदर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। इसी कोर्ट में पेड़ काटने के आरोप में थाना गोविंद नगर निवासी अयूब, मुबारक और वृंदावन निवासी शहजाद पेश हुए। कोर्ट ने उन्हें दो दिन की अंतरिम जमानत देते हुए सुनवाई के लिए 11 अक्तूबर की तारीख दी है।
इसी प्रकरण से जुड़े मथुरा वृंदावन विकास प्राधिकरण के मुकदमे की सुनवाई सीजेएम उत्सव गौरव राज की अदालत में हुई। यहां भी अभियोजन पक्ष ने जमानत देने का विरोध किया। न्यायाधीश ने अंतरिम जमानत की सुनवाई के लिए 24 अक्तूबर की तारीख तय की है। इसके अलावा विद्युत विभाग के मामले की सुनवाई के लिए सीजेएम-6 ब्रह्मदत्त चतुर्भुज ने अंतरिम जमानत को आगे बढ़ाते हुए सुनवाई के लिए 22 अक्तूबर की तारीख तय की।
प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी रजनीकांत मित्तल ने बताया कि वन विभाग के अधिवक्ता ने कोर्ट में कहा कि 454 पेड़ काटना गंभीर अपराध है। आरोपियों ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की तो धज्जियां उड़ाई है। साथ ही वन्य जीव (संरक्षण) अधिनियम का भी उल्लंघन किया है। यदि आरोपियों को जमानत मिल जाती है तो वह अपने प्रभाव से जांच को प्रभावित कर सकते हैं। कोर्ट ने वन विभाग के अधिवक्ताओं की दलील पर जमानत की याचिका को खारिज कर दिया और अग्रिम जमानत की तारीख तय की है।
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Author: Vijay Singhal
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