हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। गैर इरादतन हत्या के आरोपी एसओजी के सिपाही का दोष साबित होने पर सोमवार को एडीजे (चतुर्थ) संतोष कुमार त्रिपाठी की कोर्ट में आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। शहर कोतवाली में बैनी राम ने 16 मई 2015 को दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा कि उनका 21 वर्षीय पुत्र कन्हैया न्यू शांति नगर निवासी मोहन सिंह के यहां लड़की की शादी में गया था। रात को पंडाल में एसओजी के फिरोजाबाद के थाना टूंडला निवासी सिपाही वीरेंद्र सिंह अपने साथ तीन लोगों को लेकर आया और एक कोने में बैठे कन्हैया पर सरकारी रिवाल्वर से गोली चला दी। गोली लगने से उनका पुत्र घायल हो गया। सिपाही वीरेंद्र सिंह साक्ष्य मिटाने के लिए कन्हैया को अस्पताल ले गया और 17 मई को सुबह अंधेरे में घर के सामने मैदान में झाड़ियों में उनके पुत्र के शव को फेंककर फरार हो गया। पुलिस ने इस मामले में एसओजी सिपाही को गिरफ्तार कर कोर्ट के समक्ष पेश किया। यहां से उसे जेल भेज दिया। इस मामले में 10 लोगों ने गवाही दी। सोमवार को इस मामले में एडीजे (चतुर्थ) संतोष कुमार त्रिपाठी ने साक्ष्य, गवाह और दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की दलील सुनने के बाद एसओजी सिपाही को आजीवन कारावास तथा एक लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड जमा न करने पर एक साल के अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई है।
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Author: Vijay Singhal
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