हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। डॉक्टरों की कमी से जूझ रहे जिला अस्पताल में सुबह साढ़े नौ बजे तक ओपीडी विभाग में कई डॉक्टर अपने कक्ष से नदारद रहे। डाक्टरों के कक्ष के बाहर लंबी कतार में खड़े मरीज उनका इंतजार करते रहे। चिकित्सकों के आने पर उन्हें काफी देर बाद देखा गया।
बारिश के मौसम के कारण ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ रही है। जिला अस्पताल की ओपीडी में सामान्य तौर पर लगभग 1200 मरीज प्रतिदिन आते हैं पर अब 1500 से अधिक मरीज रोज आ रहे हैं। उधर, चिकित्सकों की कमी से जूझ रहे इस अस्पताल में शनिवार सुबह साढ़े नौ बजे तक कई डॉक्टर अपने-अपने कक्षों से नदारद रहे। पर्चे के लिए भी मरीजों की लंबी लाइन लगी थी। इस दौरान सर्जरी विभाग में चार प्रमुख चिकित्सक नहीं थे। जबकि हड्डी रोग विशेषज्ञ डा. नीरज, ईएनटी विशेषज्ञ डा. अमिताभ पांडेय मरीजों को परामर्श दे रहे थे। डॉक्टर की खाली कुर्सी देख मरीज कक्ष के बाहर कतार में खड़े होकर डाक्टर के आने के इंतजार करते दिखे। घंटों इंतजार कर रहे मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ी। राया की महिला मरीज रामवती ने बताया उन्हें दो दिनों से बुखार आ रहा है। खड़ी नहीं हो पा रहीं हैं पर डॉक्टर का इंतजार करना पड़ रहा है। सदर से आईं सोनम ने बताया कि बेटी के गर्दन और पैरों में खुजली हो रही हैं। दाने निकल आए हैं, लेकिन यहां त्वचा रोग की डॉक्टर अपनी सीट से गायब हैं। एक घंटे से डॉक्टर का इंतजार कर रहे हैं। टाउनशिप से विमला देवी अपने बेटे सोनू के घुटने में आई सूजन का उपचार कराने आईं। उन्होंने कहा कि यहां दो डॉक्टर मरीजों को देखते हैं। भीड़ बहुत है। जिनको दिखाना है वह हड्डी के डॉक्टर नहीं है। बाद से आई मंजू ने बताया कि पिछले तीन दिनों से बुखार, खांसी और सीने में दर्द है। डॉक्टर न होने से बहुत देर से लाइन लग रही है। डॉक्टर का इंतजार किया जा रहा है। जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. मुकुंद बंसल ने बताया कि सभी डॉक्टर अपने निर्धारित समय पर आ गए थे। इनमें से त्वचा रोग विशेषज्ञ अवकाश पर थीं। कुछ डॉक्टर राउंड पर और ऑपरेशन थिएटर में थे।
बारिश के मौसम के कारण ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ रही है। जिला अस्पताल की ओपीडी में सामान्य तौर पर लगभग 1200 मरीज प्रतिदिन आते हैं पर अब 1500 से अधिक मरीज रोज आ रहे हैं। उधर, चिकित्सकों की कमी से जूझ रहे इस अस्पताल में शनिवार सुबह साढ़े नौ बजे तक कई डॉक्टर अपने-अपने कक्षों से नदारद रहे। पर्चे के लिए भी मरीजों की लंबी लाइन लगी थी। इस दौरान सर्जरी विभाग में चार प्रमुख चिकित्सक नहीं थे। जबकि हड्डी रोग विशेषज्ञ डा. नीरज, ईएनटी विशेषज्ञ डा. अमिताभ पांडेय मरीजों को परामर्श दे रहे थे। डॉक्टर की खाली कुर्सी देख मरीज कक्ष के बाहर कतार में खड़े होकर डाक्टर के आने के इंतजार करते दिखे। घंटों इंतजार कर रहे मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ी। राया की महिला मरीज रामवती ने बताया उन्हें दो दिनों से बुखार आ रहा है। खड़ी नहीं हो पा रहीं हैं पर डॉक्टर का इंतजार करना पड़ रहा है। सदर से आईं सोनम ने बताया कि बेटी के गर्दन और पैरों में खुजली हो रही हैं। दाने निकल आए हैं, लेकिन यहां त्वचा रोग की डॉक्टर अपनी सीट से गायब हैं। एक घंटे से डॉक्टर का इंतजार कर रहे हैं। टाउनशिप से विमला देवी अपने बेटे सोनू के घुटने में आई सूजन का उपचार कराने आईं। उन्होंने कहा कि यहां दो डॉक्टर मरीजों को देखते हैं। भीड़ बहुत है। जिनको दिखाना है वह हड्डी के डॉक्टर नहीं है। बाद से आई मंजू ने बताया कि पिछले तीन दिनों से बुखार, खांसी और सीने में दर्द है। डॉक्टर न होने से बहुत देर से लाइन लग रही है। डॉक्टर का इंतजार किया जा रहा है। जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. मुकुंद बंसल ने बताया कि सभी डॉक्टर अपने निर्धारित समय पर आ गए थे। इनमें से त्वचा रोग विशेषज्ञ अवकाश पर थीं। कुछ डॉक्टर राउंड पर और ऑपरेशन थिएटर में थे।
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Author: Vijay Singhal
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