हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा के जिला महिला अस्पताल में एक बार फिर बड़ी लापरवाही सामने आई है। बृहस्पतिवार को दो प्रसूताओं के नाम एक जैसे होने के फेर में बच्चे बदल गए। मृत शिशु छाता के नौगांव की प्रसूता को थमा दिया जबकि यह मथुरा के मंडी चौराहा स्थित महेंद्र नहर निवासी महिला का था। नर्स को जब गलती का अहसास हुआ तो उसने फोन कर छाता की प्रसूता को वापस बुलाया। महेंद्र नगर की प्रसूता से जीवित बच्चा वापस लिया गया तो उसने व उसके परिजनों ने हंगामा काट दिया। मामला थाने तक पहुंच गया। पुलिस ने समझा बुझाकर इसका निपटारा किया। मंडी चौराहा स्थित महेंद्र नगर निवासी सीमा को एक निजी अस्पताल में बच्चा हुआ। बच्चे ने बृहस्पतिवार सुबह तीन बजे जन्म लिया। छह माह यानी समय पूर्व डिलीवरी होने पर बच्चे का वजन सामान्य से कम था। इस पर निजी अस्पताल से जच्चा बच्चा को जिला महिला अस्पताल भेज दिया। यहां बच्चे को बच्चे का वार्ड में उपचार शुरू कर दिया गया। उधर, छाता के नौगांव निवासी आरती उर्फ सीमा पत्नी दिगंबर का चौमुहां स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव हुआ। इस बच्चे का वजन कम होने के चलते उसे भी वहां से जिला महिला अस्पताल रेफर किया गया। शाम चार बजे करीब सीमा निवासी महेंद्र नगर के नवजात बच्चे की सांसें थम गईं। बताया जा रहा है कि नर्सिंग स्टाफ ने सीमा को आवाज देकर परिजनों को बुलाया तो छाता के नौगांव निवासी आरती उर्फ सीमा व उसके परिजन नाम के धोखे में चले गए। उन्हें स्टाफ ने मृत शिशु दे दिया। वह शव अपने बच्चे का समझकर घर चले गए। कुछ ही देर में नर्स को गलती की जानकारी हुई। उसने आरती उर्फ सीमा के परिजनों को फोन किया। उनका बच्चा जीवित होने की बात बताई। इस पर वह वापस अस्पताल पहुंचे। यहां जब स्टाफ ने सीमा से आरती उर्फ सीमा का बच्चा वापस मांगा तो वहां बखेड़ा हो गया। वह इस बात को स्वीकार ही नहीं कर रहे थे कि उनका बच्चा बदला गया है। काफी देर हंगामे के बाद दोनों पक्षों को शहर कोतवाली ले जाया गया। इंस्पेक्टर उमेश चंद त्रिपाठी के अनुसार महेंद्र नगर वाले पक्ष को समझाकर उन्हें मृत शिशु सौंपा गया। जबकि छाता वालों को उनका जीवित शिशु दिया गया। इधर, महिला जिला अस्पताल की सीएमएम शोभावती ने बताया कि आरती का उपनाम सीमा होने के कारण यह मामला हुआ। इसमें नर्सिंग स्टाफ कोई गलती नहीं है।
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Author: Vijay Singhal
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