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श्रीकृष्ण जन्मभूमि वाद में गवाह बनेंगे महंत नृत्य गोपालदास

ByVijay Singhal

Aug 28, 2024
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हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट अयोध्या के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास श्रीकृष्ण जन्मभूमि वाद में गवाह बनेंगे। मंगलवार को महंत नृत्य गोपाल दास ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि के पक्षकार महेंद्र प्रताप सिंह को उच्च न्यायालय में लिखित या मौखिक गवाही के लिए सहमति दे दी है। इस बाबत मंगलवार को मथुरा में आए महंत नृत्यगोपाल दास ने उनसे बातचीत भी की।इलाहाबाद उच्च न्यायालय में विचाराधीन श्रीकृष्ण जन्मभूमि वाद में 4 सितंबर को वाद बिंदु तय किए जाएंगे। इसके बाद न्यायालय में प्रकरण से संबंधित गवाहों की सूची दाखिल की जाएगी। सूची दाखिल होने के बाद गवाहों की गवाही होगी। कोर्ट की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। मंगलवार को श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्याय के अध्यक्ष एवं वाद के पक्षकार महेंद्र प्रताप सिंह ने मथुरा स्थित आश्रम पहुंचकर महंत नृत्यगोपाल दास से मुलाकात की।
महंत नृत्य गोपाल दास ने उनसे केस की मौजूदा स्थिति की जानकारी ली। अधिवक्ता महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि उन्होंने महंत नृत्य गोपाल दास को कोर्ट कार्रवाई के बारे में विस्तार से जानकारी दी है। उनसे प्रकरण में गवाही के लिए निवेदन किया। इस पर महंत नृत्य गोपाल दास ने गवाही देने के लिए सहमति प्रदान कर दी है। महंत नृत्य गोपाल दास ने कहा है कि स्वास्थ्य सही रहा तो वो खुद न्यायालय में गवाही देने पहुंचेंगे। स्वास्थ्य सही नहीं रहा तो वो लिखित रूप से अपनी गवाही कोर्ट में दाखिल करेंगे। महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि अब तक 40 साधु संत, इतिहासकार और पुरातत्वविद प्रकरण में गवाही देने के लिए अपनी सहमति दे चुके हैं। इनमें स्वामी राम भद्राचार्य, स्वामी उमेश योगी, जितेंद्रानंद सरस्वती, इतिहासकार ओम उपाध्याय, पुरातत्वविद केके शर्मा डीवी शर्मा न्यायालय में मौजूद रहकर गवाही देने की स्वीकृति दे चुके हैं।
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मथुरा। श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह प्रकरण को लेकर 6 दिसंबर को मथुरा में प्रस्तावित कार सेवा को लेकर हरिद्वार में अखाड़ा परिषद ने स्थिति स्पष्ट की है। हरिद्वार में अखाड़ा परिषद से जुड़े संतों ने कहा कि 6 दिसंबर को परिषद की ओर से मथुरा में किसी भी प्रकार की कार सेवा नहीं होगी। अखाड़ा परिषद किसी कार सेवा का समर्थन नहीं करती है और अखाड़ा परिषद का कार से सेवा से कोई मतलब नहीं है। यह बात उन्होंने हरिद्वार में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर निर्माण के संकल्प के साथ लाई गई रजत शिला का विधि-विधान से पूजन के दौरान कही। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष डाॅ. रवींद्र पुरी महाराज एवं निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद महाराज ने अपने स्थान पर संकल्पित रजत शिला का पूजन किया। उधर, संतों से कहा कि न्यायालय के आदेश के बिना वह किसी प्रकार का समर्थन नहीं करेंगे।डाॅ. रवींद्र पुरी महाराज ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में ऐसा कोई कदम नहीं उठाया जा सकता है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े मामले का समाधान न्यायालय के माध्यम से ही संभव है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि प्रकरण में हिंदू पक्ष के याचिकाकर्ता दिनेश फलाहारी महाराज ने कहा कि उन्हें न्यायालय पर पूरा विश्वास है। जिस प्रकार अयोध्या मामले में न्यायालय के माध्यम से फैसला आया, उसी प्रकार मथुरा प्रकरण में भी न्यायालय से निर्णय आने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि 6 दिसंबर को अखाड़ा परिषद की ओर से किसी भी प्रकार की कार सेवा का कार्यक्रम नहीं होगा। उन्होंने दावा किया कि प्रकरण से संबंधित प्राचीन साक्ष्य न्यायालय में प्रस्तुत किए जा चुके हैं और इन्हीं के आधार पर न्यायालय निर्णय करेगा। 7455095736
मथुरा में 6 दिसंबर को कार सेवा नहीं होगी:अखाड़ा परिषद ने किया कार्यक्रम रद्द,

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