हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। डिजिटाइजेशन के विरोध में परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों का विरोध दूसरे दिन भी जारी रहा। शिक्षकों ने काली पट्टी बांधकर शिक्षण कार्य किया। अपनी और छात्रों की हाजिरी रजिस्टर पर लगाई। डिजिटाइजेशन के विरोध में जिले के 1536 विद्यालयों में तैनात शिक्षक लामबंद हैं। विरोध के दूसरे दिन भी शिक्षकों ने मिड डे मील की एंट्री पुराने रजिस्टर पर ही की। शिक्षकों का कहना है कि जब तक उनकी लंबित मांगों पर सुनवाई नहीं की जाएगी। डिजिटाइजेशन के लिए उनका विरोध जारी रहेगा। परिषदीय विद्यालयों के शिक्षक 14 जुलाई तक विद्यालय में काली पट्टी बांधकर काम करेंगें। 15 जुलाई को सभी शिक्षक संगठन जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन करेंगे और सीएम को संबोधित ज्ञापन देंगे। इसके बाद भी अगर मांगों पर सुनवाई नहीं होगी तो प्रदेश के सभी शिक्षक 25 जुलाई से महानिदेशक स्कूली शिक्षा के लखनऊ स्थित कार्यालय पर अनिश्चितकालीन प्रदर्शन करेंगे। परिषदीय विद्यालय के शिक्षक लंबे समय से 15 सीएल, 15 हॉफ सीएल, 30 ईएल, ओपीएस, राज्य कर्मचारी का दर्जा, 30 किमी परिधि में विद्यालय, कैशलेस चिकित्सा, प्रोन्नति और अपडेटेड जीपीएफ पासबुक की मांग कर रहे हैं। अतुल सारस्वत, जिलाध्यक्ष, पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ ने कहा डिजिटाइजेशन के विरोध में प्रदर्शन जारी रहेगा। जब तक शिक्षकों से संबंधित मांगे पूरी नहीं की जाएंगे। शिक्षक हाथ पर काली पट्टी बांधकर काम करेंगे। ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं कराएंगे। दोनों दिनों में जिले के एक भी शिक्षक ने ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं कराई है।
डॉ. कमल कौशिक, महामंत्री, राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने कहा परिषदीय स्कूलों में अभी डिजिटाइजेशन की जरूरत नहीं है। कई परिषदीय विद्यालय देहात में हैं। जहां इंटरनेट की दिक्कत रहती है। ऐसे में उन विद्यालयों के शिक्षक इंटरनेट के अभाव में अपनी उपस्थिति कैसे दर्ज कराएंगे।
7455095736
Author: Vijay Singhal
50% LikesVS
50% Dislikes
