हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सड़कों को गड्डा मुक्त करने के आदेश दिए। मुख्यमंत्री के आदेश के अनुसार 15 नवंबर तक प्रदेश की सड़कों पर हो रहे गड्डे भरे जाने थे। लेकिन पीडब्ल्यूडी विभाग में काम करने वाले ठेकेदारों ने हड़ताल कर दी। अब समय सीमा बढ़ाकर 30 नवंबर कर दी है। किंतु ठेकेदार अपनी मांगों पर अडिग हैं और हड़ताल खत्म होती नजर नहीं आ रही। विभाग का दावा है कि वह सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के लिए अपने गैंग मैन से काम करा रहा है। मथुरा में लोक निर्माण विभाग के अधीन करीब 1700 किलोमीटर सड़कें हैं। विभागीय सूत्रों की मानें तो इनमें 300 किलोमीटर गड्डे हैं। सबसे ज्यादा हालत खराब अकबरपुर शेरगढ़ रोड की है हालांकि विभाग का दावा है कि इस रोड को गड्ढा मुक्त कर दिया गया है। इसके अलावा मथुरा वृंदावन रोड, मथुरा गोवर्धन रोड पर अभी भी गड्डे बने हुए हैं। मथुरा लोक निर्माण विभाग में करीब 50 ठेकेदार रजिस्टर्ड हैं। यह ठेकेदार जनपद की सड़कों को दुरुस्त रखने के लिए विभाग द्वारा निकाले जाने वाले टेंडर को लेते हैं और कार्य करते हैं। लेकिन पिछले करीब एक महीने से यह ठेकेदार हड़ताल पर हैं। हड़ताल पर ठेकेदार 6 बिंदुओं को लेकर गए हैं। जिसके निवारण की वह मांग कर रहे हैं। राजकीय ठेकेदार संघ के बैनर तले हड़ताल पर चल रहे ठेकेदारों की मांग है कि 31 मार्च तक विभाग द्वारा किए गए भुगतान से रोकी गई रिटेंशन मनी (डिपोजिट मनी) का शीघ्र भुगतान किया जाए। वीआईपी कार्यों के रुके हुए सभी ठेकेदारों के भुगतान को जल्द किया जाए, 18 जुलाई 2022 से पहले और बाद में किए गए कार्यों पर 6 प्रतिशत जीएसटी का भुगतान किया जाए,भारत सरकार के निर्देश के अनुसार 3 प्रतिशत धरोहर राशि पर अनुबंध गठित किया जाए। इसके अलावा भुगतान के समय 6 गुना रॉयल्टी न काटी जाए न रोकी जाए। लोक निर्माण विभाग में विभागीय इस्टीमेट में आईएसटीपी के रेट नहीं लगाए जाते लेकिन ठेकेदारों से बिना कारण 100 रुपए प्रति घन मीटर के पैसे बिलों में काट लिए जाते हैं जो कि नहीं काटे जाएं। इन्हीं मांगों के निवारण को लेकर राजकीय ठेकेदार संघ हड़ताल पर है। ठेकदारों की चल रही हड़ताल की वजह से गड्ढा मुक्ति अभियान प्रभावित हो रहा है। मथुरा सहित पूरे प्रदेश में सड़कों पर हो रहे गड्ढों को भरने के लिए निकाले जा रहे टेंडर को ठेकेदार ले नहीं रहे जिसकी वजह से गड्ढों को भरने के काम में देरी हो रही है। राजकीय ठेकेदार संघ मथुरा के सचिव वासुदेव चौधरी ने बताया कि गड्ढा मुक्ति निविदा का बहिष्कार किया जा रहा है। 11 नवंबर को प्रमुख अभियंता विकास संदीप कुमार से प्रदेश नेतृत्व ने बात की उन्होंने आश्वासन दिया लेकिन लिखित में कुछ नहीं दिया। इसके बाद यूनियन ने फैसला किया कि जब तक लिखित में आदेश नहीं होते तब तक बहिष्कार जारी रहेगा। ठेकेदारों के हड़ताल पर जाने के कारण प्रभावित हो रहे गड्ढा मुक्ति अभियान को जारी रखने के लिए विभाग ने अब अपने गैंग मैन का सहारा लिया है। गैंग मैन के जरिए जिले की सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का प्रयास किया जा रहा है। विभाग का दावा है कि 90 प्रतिशत गड्डे भर दिए गए हैं। हालांकि 18 नवम्बर को एक बार फिर विभाग टेंडर जारी करेगा।
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Author: Vijay Singhal
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