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वृंदावन में बांकेबिहारी मंदिर में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा, श्रद्धालुओं की पांच सौ मीटर लंबी लगी कतार

ByVijay Singhal

Mar 30, 2024
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हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। वृंदावन में बांकेबिहारी मंदिर में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। श्रद्धालुओं की पांच सौ मीटर लंबी कतार लग गई। बांकेबिहारी मार्ग पर जबरदस्त भीड़ के दबाव के बीच मिनटों का रास्ता लोगों ने घंटों में तय किया। धक्के खाते हुए श्रद्धालुओं ने जन-जन के आराध्य बांकेबिहारी के दर्शन किए। गुड फ्राइडे की छ़ुट्टी होने के साथ ही अगले दिन शनिवार और रविवार का भी अवकाश होने पर बांकेबिहारी मंदिर में सुबह से ही आस्था का सैलाब उमड़ा पड़ा। पट खुलने से करीब डेढ़ घंटे पहले से ही मंदिर की गलियां, बांकेबिहारी बाजार श्रद्धालुओं की भीड़ से खचाखच भर गया। बांकेबिहारी बाजार से लेकर मंदिर के द्वार तक पांव रखने की जगह नहीं रही। अपने निर्धारित समय से 15 मिनट पहले साढ़े सात बजे जैसे ही बांकेबिहारी के मंदिर के पट खुले, वैसे ही श्रद्धालुओं का रेला ने मंदिर में प्रवेश किया। मंदिर मार्ग पर लगे पंखे भी भीड़ के कारण बेअसर रहे। लोगों ने आपाधापी और मुश्किलों के बीच आराध्य बांकेबिहारी के दर्शन किए। मंदिर अपने निर्धारित समय दोपहर में आरती के बाद 12.30 बजे बंद हो गए। जिससे दर्शन की आस में घंटों से लाइन में भीड़ के दाबाव झेल रहे हजारों लोग दर्शन नहीं कर पाए और मायूस होकर शाम के पट खुलने का इंतजार लगे। गुरुग्राम की श्रद्धालु सुरेखा तिवारी, नारायणी का कहना है कि छुट्टी वाले दिन श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए मंदिर के दर्शनों का समय भी बढ़ा देना चाहिए, जिससे अधिक से अधिक श्रद्धालओं को दर्शन हो सकें और भीड़ छटती रहे। पुरानी दिल्ली निवासी विकास रस्तोगी ने कहा कि श्रद्धालुओ की बढ़ती संख्या को देखते हुए मंदिरों की गलियों और द्वारों को बड़ा किया जाना चाहिए। दर्शनों का समय भी अधिक होना चाहिए। घुटन करने वाला भीड़ का दबाव हो सकता है। बांकेबिहारी मंदिर के उप प्रबंधक उमेश सरस्वत ने बताया कि शुक्रवार को चार लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने बांकेबिहारी के दर्शन किए। शनिवार और रविवार को भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए आने की संभावना है। लगातार तीन दिनों का अवकाशा होने के कारण श्रद्धालु ज्यादा संख्या में आए। शनिवार और रविवार को इससे भी अधिक श्रद्धालु आ सकते हैं।
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Vijay Singhal
Author: Vijay Singhal

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