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श्रीकृष्ण जन्मस्थान: अलेक्जेंडर कनिंघम ने 1862 में कर ली थी शाही मस्जिद की नापजोख, कोर्ट में सबूत के तौर पर पेश की जाएगी रिपोर्ट

ByVijay Singhal

Feb 8, 2024
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हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के पहले निदेशक अलेक्जेंडर कनिंघम की किताब भी अब श्रीकृष्ण जन्मस्थान और शाही मस्जिद ईदगाह मामले में कोर्ट में गवाह बनेगी। उन्होंने 1862 से 64 में शाही मस्जिद ईदगाह का सर्वे किया और फिर आर्कोलाजिकल सर्वे आफ इंडिया नामक पुस्तक में इस सर्वे का उल्लेख किया। इलाहाबाद हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में ये पुस्तक प्रस्तुत की जाएगी। हिंदू पक्ष का मानना है कि ये पुस्तक न्यायालय में हमारे पक्ष में बड़ा साक्ष्य बनेगी। अलेक्जेंडर कनिंघम ने 1862-64 में पूरे देश में कई स्थानों पर सर्वे किया था। इसमें शाही मस्जिद ईदगाह भी शामिल है। अपने सर्वे को उन्होंने पुस्तक का रूप दिया। इसमें उन्होंने शाही मस्जिद ईदगाह की जानकारी दी। उसकी लंबाई, चौड़ाई और ऊंचाई भी इस पुस्तक में दी। इस पुस्तक में तब का शाही मस्जिद ईदगाह का हाथ से बनाया गया एक नक्शा भी पुस्तक भी दिया गया है। इसके साथ ही मस्जिद की लंबाई, चौड़ाई और ऊंचाई के साथ ही पूरे परिसर की नापजोख अलग से दी गई है। श्रीकृष्ण जन्मस्थान का वाद न्यायालय में लड़ रहे अधिवक्ता महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि पुस्तक में कनिंघम ने लिखा है कि ईदगाह में एक खंभे में संवत् 1713 फाल्गुन लिखा है। इसे 1713 किया गया है। एक खंभे में केशवराय लिखा है। कुछ चिन्ह भी मिले जो हिंदू मंदिर में होते हैं। पिछले दिनों इलाहाबाद हाई कोर्ट ने लखनऊ निवासी अधिवक्ता रंजना अग्निहोत्री आदि के वाद पर शाही मस्जिद ईदगाह का कोर्ट कमीशन सर्वे कराने का आदेश दिया था। बाद में शाही मस्जिद ईदगाह कमेटी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने कोर्ट कमीशन सर्वे पर रोक लगा दी। वह बताते हैं कि कोर्ट कमीशन सर्वे में शामिल अधिवक्ता भी यहां की नापजोख करेंगे। ये पूर्व में ही अलेक्जेंडर कनिंघम ने कर दिया था। ऐसे में ये पुस्तक न्यायालय में महत्वपूर्ण साक्ष्य बनेगी। हम सुप्रीम कोर्ट में भी इस पुस्तक को अपना साक्ष्य का हिस्सा बनाएंगे।श्रीकृष्ण जन्मस्थान के मामले में एक और वादी मैनपुरी निवासी अधिवक्ता अजय प्रताप सिंह बताते हैं कि ये साक्ष्य ही हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण होंगे। 1862-184 के बीच का ये सर्वे कोर्ट में मजबूूती देगा। हम न्यायालय में अपनी बहस का इसे हिस्सा बनाएंगे। अजय प्रताप सिंह ने न्यायालय में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण से आरटीआइ से मिला एक जवाब भी प्रस्तुत किया है, जिसमें कहा गया है कि शाही मस्जिद ईदगाह को ठाकुर केशवदेव मंदिर को तोड़कर बनाया गया है।
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Vijay Singhal
Author: Vijay Singhal

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