• Fri. Feb 27th, 2026

मथुरा। जिले के पांच प्रवेश मार्गों पर बनाये जाएंगे भव्य प्रवेश द्वार

ByVijay Singhal

Jan 28, 2024
Spread the love
हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। जिले के पांच प्रवेश मार्गों पर भव्य प्रवेश द्वार बनाए जाएंगे। प्रवेश द्वार स्थापत्य और कला की दृष्टि से भव्य और आभा संपन्न होंगे, जिन्हें देखकर बाहर से आने वाले लोगों को अहसास हो जाएगा कि ब्रज की पावन धरा पर वे पहुंच चुके हैं। यहां ब्रज की परंपरागत कला-संस्कृति के दर्शन होंगे। यह पूरी परियोजना करीब 17.58 करोड़ रुपये की है। प्रवेश द्वार बनाए जाने के लिए स्थान चिन्हित कर लिए गए हैं। ब्रज के प्रमुख तीर्थ स्थलों और अन्य प्रसिद्ध स्थलों पर विकास कार्य कराए जा रहे हैं, लेकिन मथुरा जिले की सीमाओं पर लंबे समय से ऐसे विकास कार्यों की कमी महसूस की जा रही थी, जिनसे पता चल सके कि मथुरा धर्म-आध्यात्म और पर्यटन की दृष्टि से कितना महत्वपूर्ण है। इसी के चलते उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद ने मथुरा जिले के पांच प्रवेश मार्गों पर भव्य प्रवेश द्वार बनाए जाएंगे। ये प्रवेश द्वार मथुरा की लोक संस्कृति को प्रदर्शित करेंगे, जहां श्लोक आदि भी लिखे होंगे, तो भगवान की लीलाओं का चित्रण भी होगा। इनमें आगरा-मथुरा राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित रैपुराजाट फरह बॉर्डर, अलीगढ़-मथुरा मार्ग पर साथिनी बार्डर पर, दिल्ली-मथुरा राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित कोटवन बॉर्डर पर, हाथरस-मथुरा मार्ग स्थित सोनई बार्डर पर और गोवर्धन-मथुरा मार्ग पर गांव अड़ींग के समीप प्रवेश द्वार बनेंगे। प्रवेश द्वार बनाए जाने के लिए चिन्हित स्थानों पर कार्रवाई की जा रही है। ब्रज में बनने जा रहे प्रवेश द्वारों पर भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े प्रसंगों का चित्रण होगा, साथ ही ब्रज की लोक संस्कृति से संबंधित चित्र भी दिखेंगे। इन प्रवेश द्वारों पर श्रीमदभगवद गीता के श्लोक भी लिए होंगे। सिर्फ इतना ही नहीं, यहां बाहर से आने वाले लोगों को आवश्यक जनसुविधाएं भी मिलेंगी, जिससे बाहर से आने वाले श्रद्धालु कुछ देर रुक भी सकेंगे। नगेंद्र प्रताप, सीईओ उप्र ब्रज तीर्थ विकास परिषद के कहा मथुरा जिले के प्रवेश द्वारों के निर्माण की कार्ययोजना शासन ने स्वीकृत कर ली है। इस पर काम प्रारंभ कराया जा रहा है।
7455095736
Vijay Singhal
Author: Vijay Singhal

50% LikesVS
50% Dislikes

Leave a Reply

Your email address will not be published.