हिदुस्तान 24 टीबी न्यूज़ चीफ विजय सिंघल
मथुरा। कोविड के नए वेरिएंट के बढ़ते मरीजों की संख्या को लेकर स्वास्थ्य विभाग गंभीर है। यही कारण है कि सभी सामुदायिक केंद्रों पर सर्दी, खांसी एवं जुकाम के मरीजों की कोविड जांच के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही जिला अस्पताल में भी कोविड जांच बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
सीएमओ डॉ. अजय कुमार ने बताया कि जिला अस्पताल, जिला महिला अस्पताल, सीएचसी कोसीकलां, सीएचसी वृंदावन, जिला संयुक्त चिकित्सालय वृंदावन, सीएचसी सोनई में अलग-अलग क्षमता वाले आक्सीजन प्लांट लगे रहे हैं। इसके साथ ही आठ निजी अस्पतालों में भी आक्सीजन प्लांट लगे हुए हैं। कोविड का नया वेरिएंट यदि भयानक रूप लेता है और ऑक्सीजन की आवश्यकता पड़ती है तो स्वास्थ्य विभाग के पास पूरी तैयारी है। इसके साथ ही निजी और सरकारी अस्पतालों को मिलाकर ऑक्सीजन बेड 532, आईसीयू बेड (वेल्टीनेटर) 42, आईसीयू बेड (बिपैप), आईसीयू बेड (एचएफएनओ) पांच बेड उपलब्ध हैं। इसके अलावा सभी अस्पतालों में वार्डों में ऑक्सीजन की पाइप लाइन डाली गई है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर किसी भी मरीज को ऑक्सीजन दी जा सके। 2020-21 में जब कोविड ने भयानक रूप लिया तो स्वास्थ्य विभाग ने अपने सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को एल-1, संयुक्त चिकित्सालय वृंदावन, केडी मेडिकल कॉलेज एवं केएमके मेडिकल कॉलेज को एल-2 बनाया था। एल-3 बनाने के लिए जिले में कोई भी अस्पताल सक्षम नहीं था। इसलिए दो श्रेणी के अस्पतालों में मरीजों का उपचार किया गया। महर्षि दयानंद सरस्वती जिला अस्पताल के ट्रॉका वार्ड को स्वास्थ्य विभाग ने आइसोलेशन वार्ड में तब्दील कर दिया था। यहां मरीजों को रखा गया और जिन्हें जांच में कोविड पाया गया उन्हें एल-1 तथा एल-2 बनाए अस्पतालों में उपचार के लिए भर्ती कराया गया।
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Author: Vijay Singhal
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