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वृंदावन का दायरा बढ़ा, नहीं बढ़े सफाईकर्मी

ByVijay Singhal

Sep 10, 2023
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हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। वृंदावन में नगर निगम बनने के बाद वृंदावन क्षेत्र का दायरा बढ़ गया। कई कॉलोनियां और एक दर्जन गांव नगर क्षेत्र में शामिल हो गए हैं, लेकिन सफाईकर्मियों की संख्या नहीं बढ़ी। पिछले 13 साल से सफाईकर्मियों की भर्ती नहीं हुई। इस कारण नगर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त है। मंदिरों के आसपास भी गंदगी का आलम रहता है। स्थानीय लोगों के साथ देश-विदेश के श्रद्धालु गंदगी से होकर निकलने को मजबूर हैं। मथुरा-व़ृंदावन को नगर पालिका से नगर निगम का दर्जा मिले छह साल हो गए। नगर निगम बनने पर वृंदावन वासियों ने उम्मीद जताई कि अब सफाई व्यवस्था बेहतर होगी। वर्षों से चली आ रही सफाईकर्मियों की कमी दूर होगी, लेकिन यह उम्मीद अब तक पूरी नहीं हो सकी है। नगर निगम बनने के बाद वृंदावन में तेहरा, धौरेरा, अक्रूर, सुनरख समेत एक दर्जन गांव और कैलाश नगर, चैतन्य विहार समेत कई बड़ी काॅलोनियां जुड़ गई हैं। इससे व़ृंदावन की आबादी चौगनी हो गयी है। नगर से प्रतिदिन निकलता है 240 टन कचरा आबादी बढ़ने पर वृंदावन में प्रतिदिन 240 टन कूड़ा निकलने लगा जबकि दो वर्ष पहले 100 टन होता था। इसके बावजूद सफाई कर्मियों की भर्ती नहीं हुई है और न ही आबादी क्षेत्र बढ़ जाने पर मानकों के अनुरूप सफाईकर्मी बढ़ाए गए। नगर निगम सूत्रों के अनुसार वर्ष 2000 में 10 सफाई कर्मियों की भर्ती की गई थी। फिलहाल 57 स्थाई और 216 ठेका पर सफाई कर्मी तैनात हैं। इसके अलावा नगर निगम ने एक संस्था को बांकेबिहारी मंदिर क्षेत्र एवं वृंदावन परिक्रमा मार्ग की सफाई कार्य की जिम्मेदारी दी है। बताया जा रहा है कि इसके लिए 70 सफाई कर्मी लगाए गए हैं। फिर भी बांकेबिहारी मंदिर, वृंदावन परिक्रमा मार्ग और राधादामोदर मंदिर, राधावल्लभ मंदिर समेत अन्य मंदिरों के आसपास गंदगी के ढेर लगे हैं। सीवर का मेन होल उफनने से दूषित पानी मंदिर को जाने वाले मार्गों पर बह रहा है। श्रद्धालु मुंह पर कपड़ा रखकर दूषित पानी में होकर निकलने को मजबूर हैं। नगर निगम के सफाई निरीक्षक सुभाष चंद्र ने बताया कि वृंदावन में कई कॉलोनियां और गांव जुड़ गए हैं। इसके सापेक्ष सफाई कर्मचारी कम है। नगर के सफाईकर्मियों को आसपास के क्षेत्र और काॅलानियों में भी भेजना पड़ता है। इसलिए सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है। इस संबंध में कई बार उच्चाधिकारियों को भी अवगत करा दिया है।
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Vijay Singhal
Author: Vijay Singhal

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