सैनिक भाइयों से है भाव का संबंध
कार्यक्रम में वात्सल्य ग्राम की अधिष्ठात्री साध्वी ऋतंभरा ने बताया कि मीलों दूर बैठे सैनिक भाइयों को यह पता रहे कि भाव संबंधों का एक रूप उनके साथ है। पूरा भारत उनका परिवार है,सैनिक सभी भारतीयों के दिल में हैं। सैनिक जब देश के लिए आहुति देते हैं तो वह राख नहीं बनते बल्कि माथे का श्रृंगार बनते हैं। कार्यक्रम के अंत में पिछले 15 दिन से विभिन्न स्कूलों में बनाई जा रही राखियों को छात्राओं ने साध्वी ऋतंभरा को सौंपा। जिसे वह रक्षा बंधन के दिन सीमा पर तैनात सैनिकों की कलाइयों पर बांधेंगी। साध्वी ऋतंभरा ने बताया कि देश की सीमा पर तैनात जवान देश की रक्षा करते हैं और देश की बहनें उनकी रक्षा की कामना करती हैं,इसी भाव के साथ रक्षा बंधन पर्व पर उनको यह रक्षा सूत्र बांधे जायेंगे। साध्वी ऋतंभरा पिछले 11 वर्षों से इस कार्यक्रम का आयोजन कर रही हैं।
