हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। तत्कालीन मायावती सरकार द्वारा वंचित वर्ग को खुद की छत मुहैया कराने के उद्देश्य से तैयार की गई कांशीराम आवासीय योजना के जर्जर होने पर जहां जिला प्रशासन इसे धराशाई करने की योजना बना रहा है। वहीं कांग्रेस समेत अन्य संगठनों ने बेघरों को घर देने की मांग की है। तत्कालीन बसपा सरकार द्वारा सन 2007 में गरीब वंचित वर्ग के लिए पूरे प्रदेश में घर मुहैया कराने के उद्देश्य से कांशीराम आवासीय योजना की शुरुआत की थी। इसी योजना के तहत वृंदावन में नगर पालिका की रिक्त भूमि का चयन कर ब्लॉक वाइज 736 फ्लैट तैयार किए गए थे। जिनका आवंटन करीब पन्द्रह साल पहले निर्धारित प्रक्रिया के तहत किया गया था। अब इनमें से अधिकांशतः आवासीय फ्लैट्स की हालत जर्जर हो चुकी है। बीते माह जिला प्रशासन द्वारा नगर निगम के माध्यम से फ्लैट्स का सर्वे कराया गया। जिन्हे विभागीय रिपोर्ट के बाद कंडम घोषित किया गया। इसके बाद नगर निगम प्रशासन द्वारा स्थानीय वाशिंदों को नोटिस जारी किए गए थे। इसके बाद से ही जहां स्थानीय लोगों में अपनी छत को लेकर चिंता सता रही है। वहीं कांग्रेस और गरीब एकता दल के प्रतिनिधिमंडल ने स्थानीय लोगों से मुलाकात कर उनकी व्यथा साझा की। कांग्रेस आउटरीच के जिलाध्यक्ष दीपक पाराशर ने कहा कि सरकार गरीबों की परेशानी को समझते हुए उन्हें आवास उपलब्ध कराए। इधर रविवार को आईंआईंटी रुड़की की तकनीकी विशेषज्ञ प्रोफेसर सोनालिशा के निर्देशन में एक टीम ने जर्जर हो चुके फ्लैट्स का तकनीकी सर्वे किया। जिसकी रिपोर्ट जल्द ही जिला प्रशासन को सौंपी जाएगी। नगर निगम के अपर आयुक्त नीरज शर्मा ने बताया कि आईं आईं टी रुड़की की तकनीकी टीम ने बारीकी से निरीक्षण किया है। जिसकी रिपोर्ट आने के बाद आगामी प्रकिया अमल में लाई जाएगी।
7455095736
कांशीराम आवासीय योजना के लोगों को घर देने की कांग्रेस ने की मांग
