हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। लंबे इंतजार के बाद आखिरकार छाता -शेरगढ़- नौहझील मार्ग को शासन से स्वीकृति मिल ही गई। विधायक राजेश चौधरी का प्रयास रंग लाया और शासन ने इसके लिए 58 करोड रुपए की राशि स्वीकृत करते हुए एक करोड रुपए व्यय हेतु अवमुक्त भी कर दिए गए हैं। बताते चलें कि करीब एक दशक पूर्व छाता-शेरगढ़-नौहझील-बजाना मार्ग पर काम हुआ था। पिछले 3 साल से तो सड़क में इतने गहरे गहरे गड्ढे हो गए थे कि पता ही नही चलता था की सड़क कहा गई। 2022 में जब मांट क्षेत्र से राजेश चौधरी विधायक बने तो क्षेत्र के लोगों ने इस सड़क को लेकर उनसे अनेकों बार मुलाकात की। विधायक ने भी इस मार्ग के संबंध में केंद्रीय सड़क मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर फोर लेन करने का आग्रह किया था। अब 31 किलोमीटर लंबे इस मार्ग के लिए लोक निर्माण विभाग द्वारा 58 करोड़ 59 लाख 52 हजार रुपए की वित्तीय एवं प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। पूर्व में विभाग द्वारा 6433.38 लाख रुपए का प्रस्ताव भेजा था, उस प्रस्ताव में 573.86 लाख की कटौती के उपरांत राशि स्वीकृत की गई है। बताते चलें कि जब से नौहझील और शेरगढ़ के मध्य बह रही यमुना नदी के ऊपर पक्का पुल बना है तब से इस मार्ग पर भारी वाहनों का आवागमन बहुत हो चला है। यमुना एक्सप्रेस वे के बाजना कट पर जाने के लिए भी इस मार्ग का बहुत उपयोग होता है। ट्रैफिक का आलम यह है कि 24 घंटे यहां वाहनों की कतार लगी रहती है। कई दर्जन गांव के लोगों का इस मार्ग से संबंध है। लोक निर्माण विभाग द्वारा स्वीकृति देने के बाद क्षेत्रीय लोगों में खुशी है। शासन के उप सचिव राजकुमार ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को सड़क स्वीकृति के संबंध में पत्र भेज दिया है। लोक निर्माण विभाग द्वारा इस मार्ग को बनाने के लिए हरी झंडी मिलने के बाद विधायक राजेश चौधरी ने बताया कि पूर्व में यह सड़क नाबार्ड योजना के अंतर्गत बनाई जानी थी मगर पर्याप्त बजट न होने के कारण सड़क निर्माण टल गया। उन्होंने इस संबंध में सीएम योगी आदित्यनाथ व पीडब्ल्यूडी मंत्री जतिन प्रसाद से मिलकर लोगों की समस्या को बताया। उन्होंने बताया कि राज्य सड़क निर्माण निधि के तहत इस सड़क को बनाया जाएगा। इस मार्ग पर आबादी क्षेत्र में सीमेंटेड सड़क बनाई जाएगी। विधायक ने मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री का आभार जताया है।
