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40 फीट ऊंचे लट्ठे पर चढ़े पहलवान, रंगनाथ मंदिर में हुआ लट्ठे के मेला का आयोजन

ByVijay Singhal

Sep 9, 2023
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हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा के व्रन्दावन में भगवान श्री कृष्ण के जन्म के बाद ब्रज भूमि में अब नंदोत्सव की धूम मची हुई है। भगवान राधा कृष्ण की भूमि वृंदावन में स्थित दक्षिण भारतीय शैली के प्रसिद्ध रंगनाथ मंदिर में लट्ठे के मेले का आयोजन किया गया। परंपरागत लट्ठे के मेले में पहलवान 40 फीट ऊंचे खंभे पर तेल और पानी की बारिश के बीच चढ़कर भगवान की पताका हासिल करने का प्रयत्न करते हैं। दक्षिण भारतीय शैली के उत्तर भारत में स्थित विशालतम रंगनाथ मंदिर में साल भर कोई न कोई आयोजन होता रहता है। कहा जाता है कि वर्ष के 365 दिन में यहां 380 से ज्यादा उत्सव होते हैं। जिसकी वजह से इस मंदिर को दिव्य देश भी कहा जाता है यानी जहां हर दिन कोई न कोई उत्सव हो। शुक्रवार की देर शाम यहां प्रसिद्ध लट्ठे के मेले का आयोजन किया गया। नंदलाल के जन्म की खुशी में आयोजित नंदोत्सव के तहत इस मेले का आयोजन किया जाता है। जिसमें क्षत्रिय समाज के लोग बड़ी संख्या में सम्मिलित होते हैं। इन्हीं क्षत्रिय समाज के 15 से 20 पहलवान 40 फीट ऊंचे खंभे पर चढ़ने का यत्न करते हैं। मचान पर बैठे मंदिर के कर्मचारी उन पर लगातार तेल और पानी की बौछार करते हैं। मंदिर के पश्चिमी द्वार के समीप आयोजित इस मेला में भगवान की कल्प वृक्ष पर बैठी सवारी जैसे ही गेट पर पहुंची पहलवानों ने अपना दम दिखाना शुरू किया। पहलवान खंभे पर चढ़ने का यत्न करते और ऊपर बैठे कर्मचारी तेल और पानी की बौछार करते। जिसके कारण पताका ने नजदीक पहुंचते पहलवान नीचे गिर जाते। यह क्रम इस बार 7 बार चला। 7 वीं बार जैसे ही पहलवानों ने भगवान रंगनाथ को प्रणाम किया वैसे ही उनको सफलता मिल गई और उन्होंने पताका को हासिल कर लिया। पताका हासिल करते ही मंदिर परिसर भगवान रंगनाथ के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। पताका हासिल करने के बाद तेल में सराबोर पहलवान मंदिर के पुष्करिणी द्वार पर पहुंचे। यहां सरोवर में स्नान करने के बाद वहां एक खंभे पर बंधे 4 कलश हासिल करने के लिए उछल कूद मचाई। आखिर में पहलवानों ने कलश हासिल किए। इसके बाद भगवान रंगनाथ की कुंभ आरती कर नजर उतारी गई। जिसके साथ ही लट्ठे का मेला संपन्न हो गया।
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Vijay Singhal
Author: Vijay Singhal

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