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शीतला माता का हुआ पूजन,मथुरा के मंदिरों में देर रात से भक्तों की लगी लाइन, रोगों से दूर रखने के लिए की जाती है पूजा

ByVijay Singhal

Mar 13, 2023
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हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिघल
मथुरा। व्रज में होली के बाद माता शीतला के पूजन की मान्यता है। सोमवार को माता शीतला का पूजन करने के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। मथुरा में माता शीतला के मंदिरों पर भक्त पूजन करने के लिए आतुर नजर आए। माता शीतला देवी के मंदिरों पर पूजन करने के लिए भक्तों की देर रात से ही लाइन लग गई। शीतला देवी का पूजन करने की हिंदू धर्म में विशेष मान्यता है। इसमें भक्त माता शीतला का व्रत और पूजन करते हैं। इसका जिक्र स्कंद पुराण में भी मिलता है। होली के बाद पड़ने वाले पहले सोमवार या गुरुवार को होने वाली इस पूजा में माता को एक दिन पूर्व बनाया भोजन प्रसाद के रूप में अर्पित किया जाता है। इस पूजन को बसौड़ा भी कहा जाता है। माता शीतला देवी का पूजन करने के लिए हर देवी मंदिर पर भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। मथुरा के मसानी क्षेत्र माता शीतला देवी मंदिर, धौली प्याऊ स्थित मंदिर के अलावा वृंदावन के मदन मोहन मंदिर के समीप इस स्थित शीतला देवी मंदिर और गोपीनाथ बाजार स्थित मंदिर पर भक्त देर रात से ही पूजन करते नजर आए। माता के पूजन के लिए कई जगह भक्तों की लाइन लगी रही। माता शीतला देवी को अर्पित होने वाला प्रसाद एक दिन पूर्व ही तैयार कर लिया गया। इसमें सबसे प्रमुख मीठे चावल बनाए जाते हैं। इसके अलावा चने की दाल, पूड़ी,हलवा आदि बनाया जाता है। यह सभी सामग्री ठंडी होने पर माता को प्रसाद के रूप में अर्पित की जाती है। शीतला माता का पूजन जिसे बसौड़ा भी कहते हैं माताएं बच्चों और परिवार के सदस्यों को बीमारियों से दूर रखने के लिए करती हैं। इस पूजन में सबसे खास है चेचक की बीमारी से दूर रखना। मान्यता है की शीतला माता का पूजन करने से चेचक की बीमारी नहीं होती।
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Vijay Singhal
Author: Vijay Singhal

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