हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा के कोयला अलीपुर में एक विशाल अजगर ने ग्रामीणों को डरा दिया, जब सांप खेत से निकल कर एक घर के समीप पहुंच गया। सुरक्षा के मद्देनज़र परिवार ने तुरंत वाइल्डलाइफ एस.ओ.एस को इसकी सूचना उनके हैल्प लाइन नंबर पर दी। जहां लगभग 12 फीट लंबे और 25 किलो से अधिक वजन वाले अजगर को मथुरा के कोयला अलीपुर गांव से रेस्क्यू किया गया वहीं लगभग 11 फीट लंबे और 21 किलो वजनी दूसरे अजगर को आगरा के किरावली छेत्र स्थित मोहरी गांव से बचाया गया। इसके बाद तीसरे अजगर को आगरा के ही बिचपुरी क्षेत्र से रेस्क्यू किया गया। टीम ने एक ही दिन में 4 बड़े अजगर रेस्क्यू किये। मथुरा के कोयला अलीपुर में एक विशाल अजगर ने ग्रामीणों को डरा दिया, जब सांप खेत से निकल कर एक घर के समीप पहुंच गया। सुरक्षा के मद्देनज़र परिवार ने तुरंत वाइल्डलाइफ एस.ओ.एस को इसकी सूचना उनके हैल्प लाइन नंबर पर दी। अजगर का वजन 25 किलो से अधिक और लंबाई लगभग 12 फीट थी। एन.जी.ओ की दो सदस्यीय टीम ने सावधानी से सांप को पकड़ा, जिसके बाद वहां मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली। दूसरे बड़े अजगर को आगरा के किरावली क्षेत्र स्थित मोहरी गाँव से बचाया गया। जहां नहर में अजगर देखा गया था। करीब 11 फुट लंबा सांप गलती से मछली पकड़ने वाले जाल में बुरी तरह फंस गया था। सूचना मिलते ही टीम ने कड़ी मशक्कत कर जाल को काटा और लगभग 21 किलो वज़नी अजगर को बचाया।वाइल्डलाइफ एस.ओ.एस के सह-संस्थापक और सी.ई.ओ, कार्तिक सत्य नारायण ने कहा मछली पकड़ने के जाल अक्सर वन्य जीवों के लिए एक बड़ा खतरा बन जाते हैं विशेष रूप से सांप और मगरमच्छ जैसे जानवरों के लिए। वाइल्ड लाइफ एस.ओ.एस ने पहले भी जाल में फसे सांपों को बचाया है। इस बचाव अभियान में टीम को यह सुनिश्चित करना आवश्यक था कि जाल काटते समय अजगर को किसी तरह की चोट ना पहुचे। वाइल्ड लाइफ की टीम ने आगरा के बिचपुरी क्षेत्र में एक घर के पास देखे गए 6 फुट लंबे अजगर को भी रेस्क्यू किया। वाइल्ड लाइफ एस.ओ.एस ने रुनकता स्थित जूता बनाने वाली कंपनी के स्टोर रूम से 7 फीट लंबा अजगर भी बचाया। वाइल्ड लाइफ एस.ओ.एस के डायरेक्टर कंज़रवेशन प्रोजेक्ट्स बैजूराज एम.वी ने बताया कि सभी चार सांप वर्तमान में चिकित्सकीय निगरानी में हैं और जल्द ही जंगल में वापस छोड़ दिए जाएंगे। इस बात की खुशी है की लोग ऐसी स्थिति में उचित निर्णय ले रहे हैं और हैल्प लाइन पर इसकी सूचना दे कर विशेषज्ञों की सहायता लेते हैं।
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Author: Vijay Singhal
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