हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। आढ़तियों के पास सुबह जाओ, गेहूं बेचो और शाम को भुगतान लेकर घर चले आओ। वहीं जटिल प्रणाली और बाजार के बराबर भाव मिलने के कारण क्रय केंद्रों की बजाय बड़ी संख्या में किसान आढ़तियों को गेहूं बेचना पसंद कर रहे हैं। इसी कारण आढ़तियों के यहां गेहूं के ढेर लगे हैं। वहीं क्रय केंद्रों गेहूं खरीद की रफ्तार नहीं बढ़ पा रही है। मंगलवार मंडी में कुछ ऐसा ही दृश्य नजर आया। जिले में 88 क्रय केंद्रों पर 17 मार्च से खरीद शुरू हुई। इस पर अब तक 26 हजार 386 क्विंटल गेहूं खरीद हो चुकी है। वहीं कृषि मंडी में आढ़तियों द्वारा प्रतिदिन 19 से 20 हजार क्विंटल गेहूं की खरीद की जा रही है। मंगलवार को मंडी में गेहूं 2350 से लेकर 2450 रुपये प्रति क्विंटल के भाव बिका। फरह के किसान रामदीन, नौहझील के किसान श्यामलाल ने बताया कि क्रय केंद्र के नियमों से वह परेशान थे। भावों में ज्यादा अंतर नहीं है। ऐसे में उन दोनों ने आढ़ती के अपना गेहूं बेच दिया। बेचने के कुछ ही घंटे बाद रकम भी मिल गई। उधर, मंडी में बनाए गए 2 सरकारी क्रय केंद्रों पर समस्या देखने को मिली। चिलचिलाती धूप में यहां सुबह 9 बजे पहुंचे किसानों की दोपहर 3:30 बजे के बाद गेहूं की तौल हुई। इस कारण पल्लेदारों का न होना बताया गया। इन दोनों केंद्रों पर 20 पल्लेदारों की जरूरत है, जबकि मौके पर 5 ही मिले। वहीं क्रय केंद्रों पर एमएसपी 2425 रुपये प्रति क्विंटल है और यहां बिक्री के 24 से 48 घंटे के भीतर रकम खाते में भेजने का नियम है।
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Author: Vijay Singhal
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