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अयोध्या, काशी के पैटर्न पर राजस्थान शैली में दिखाई देगा वृंदावन छटीकरा मार्ग

ByVijay Singhal

May 5, 2024
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हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। महायोजना-2031 के अन्तर्गत धार्मिक एवं आश्रम / मठ भाग-1 भू-उपयोग के क्षेत्र में पुरातन नगरी वृन्दावन के मूल स्वरूप को बनाये जाने के उद्देश्य से शनिवार को विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्याम बहादुर सिंह ने भवन स्वामियों के साथ बैठक की। इसके अंतर्गत भवनों के अग्र भाग को एक समान रंग किए जाने की योजना पर विचार किया। इसकी शुरुआत छटीकरा वृंदावन मार्ग से होनी है। बैठक में छटीकरा-वृन्दावन मार्ग के भू-स्वामी / भू-अध्यासियों / विकासकर्ताओं एवं शहर के आर्किटेक्ट को विप्रा उपाध्यक्ष ने वृन्दावन के सौन्दर्यीकरण एवं पौराणिक वास्तुकला के संरक्षण को बनाये रखने के उद्देश्य से छटीकरा-वृन्दावन मार्ग पर पूर्व से प्राविधानित महायोजना की जानकारी दी। धार्मिक अश्रम मठ भू-उपयोग के लिए वास्तुकला नियंत्रण नियमावली को लागू किये जाने के सम्बन्ध में अवगत कराया। बताया कि उक्त नियमावली के अन्तर्गत राज्यस्थान शैली में भवनों के अग्र भाग का एलीवेशन किया जाना प्रस्तावित है। उक्त क्षेत्र में फसाड एलीवेशन के विभिन्न विकल्प का प्रस्तुतीकरण करते हुए कहा कि फसाड इम्प्रूवमेंट से भू-स्वामियों एवं विकासकर्ता को लाभ होगा। पर्यटकों / श्रद्धालुओं की उक्त क्षेत्र में और अधिक बढोत्तरी होगीं। बैठक में उपाध्यक्ष श्याम बहादुर सिंह ने बताया कि इस तरह अयोध्या नगर, वाराणसी व आगरा के मुख्य मन्दिरों की ओर जाने वाले मार्गो का फसाड इम्प्रूवमेंट किया गया है। ब्रज क्षेत्र की बहुमूल्य वास्तुकलां / धरोहर (राज्यस्थान शैली) पर आधारित रहेंगी। भू-स्वामी / भू-अध्यासियों / विकासकर्ताओं द्वारा सुझाव दिया गया कि फसाड कलर स्कीम में ब्रज क्षेत्र से जुडे अन्य कलर स्कीम का भी विकल्प भी सम्मिलित किया जाना उचित होगा।बैठक में उपस्थित उज्जवल ब्रज समिति के सचिव अनन्त शर्मा ने कहा कि मथुरा-वृन्दावन क्षेत्र में 75-100 वर्ष से पुराने पौराणिक / ऐतीहासिक वास्तुकलां के भवन स्थित है जिनका संरक्षण किया जाना भी आवश्यक है। वर्तमान में उक्त भवनों को तोडकर नव निर्माण ग्लास / पैनलिंग से फसाड तैयार किया जा रहा है, जो कि ब्रज शैली से विपरीत है। इस पर विप्रा उपाध्यक्ष ने अवगत कराया गया कि ब्रज डेवलपमेंट प्लान-2041 में पुराने पौराणिक / एतिहासिक वास्तुकलां के भवनों को चिन्हित किया गया है। उनके संरक्षण / पुर्नरीक्षण का प्रस्ताव भी सम्मिलित किया गया है।बैठक में प्राधिकरण के ओ एस डी प्रसून द्विवेदी, नगर नियोजक ऋचा कौशिक, आर्किटेक्ट मयंक गर्ग सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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Vijay Singhal
Author: Vijay Singhal

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