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सेवा, सृजन और सांस्कृतिक रस संगम के लिए वृंदावन आगमन जरूरी

ByVijay Singhal

Mar 22, 2025
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मथुरा। वृंदावन में भारत के पूर्व महासर्वेक्षक और महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के पूर्व कुलपति डॉ. पृथ्वीश नाग ने कहा कि सेवा, सृजन और सांस्कृतिक रस संगम में डुबकी लगाने के लिए श्रीधाम वृंदावन का आगमन आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ब्रज वृंदावन, वैश्विक संस्कृति की राजधानी स्वरूप में सुविख्यात है और इसके दर्शन किए बिना भक्ति और आध्यात्मिकता का वास्तविक आभास संभव नहीं। डॉ. पृथ्वीश नाग वृंदावन प्रवास के दौरान श्रीहरिदास पीठ मंदिर पहुंचे। जहां उन्होंने श्रीहरिदास पीठाधीश्वर आचार्य प्रहलाद वल्लभ गोस्वामी महाराज से आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर उन्होंने ब्रजरस और धर्म संस्कृति के विभिन्न पहलुओं पर गहन चर्चा की। आध्यात्मिक चर्चा के उपरांत उन्होंने कहा कि ब्रज वृंदावन के दर्शनों के बाद ही सृष्टि के वास्तविक सार से परिचित हुआ जा सकता है। डॉ. नाग ने इसके बाद श्रीबांकेबिहारी मंदिर में दर्शन किए। यहां सेवायत आचार्य विप्रांश वल्लभ गोस्वामी ने पूजा-अर्चना कराई। डॉ. जे धर, तुहीन कुमार दासुप्ता, बिहारीलाल चतुर्वेदी आदि मौजूद थे।
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Vijay Singhal
Author: Vijay Singhal

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