हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। जिले की 65 फीसदी वक्फ संपत्तियां उम्मीद पोर्टल पर दर्ज नहीं होने से मुतवल्लियों की बेचैनी बढ़ गई है। हालांकि उन्होंने अभी उम्मीद का दामन नहीं छोड़ा है। उनका कहना कि पंजीकरण कराने की तिथि बढ़ानी चाहिए थी, लेकिन वह अब अपने हक के लिए वक्फ ट्रिब्यूनल कोर्ट में दस्तक देंगे। कोऑर्डिनेटर डॉ. शबनम कुरैशी ने बताया कि जिले में कुल 920 वक्फ संपत्तियां पंजीकृत हैं। इनका पंजीकरण पांच दिसंबर तक उम्मीद पोर्टल पर किया जाना था, लेकिन महज 35 प्रतिशत संपत्तियों का ही पंजीकरण हो सका। अधिकतर संपत्तियां दस्तावेजों के अभाव में पोर्टल पर दर्ज होने से रह गई हैं। अब इनके अस्तित्व पर संकट गहराने लगा है। समाजसेवी मोहम्मद यूनुस गाजी ने कोर्ट से संपत्तियों को पोर्टल पर दर्ज कराने के लिए मौका देने की मांग की है। वहीं अब्दुल गफ्फार ने कहा कि वक्फ ट्रिब्यूनल जाने का अधिकार पहले है, इसमें केंद्र सरकार ने कोई राहत नहीं दी है। भूरा शेख का कहना कि उम्मीद पोर्टल शुरूआत पर धीमी गति से कार्य हुआ है। बीच-बीच सर्वर ठप भी रहा। तकनीकी खामी के कारण भी संपत्तियों को दर्ज करने में परेशानी उठानी पड़ी। उन्होंने उम्मीद जताई कि कोर्ट व केंद्र सरकार इन दिक्कतों के मद्देनजर रियायत देने पर विचार करेगी।
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Author: Vijay Singhal
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